By: Vandana Rawat
Eligible Students Benefit: पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की नियमावली-2023 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। यह संशोधन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर भी समान रूप से लागू होंगे। योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
योगी सरकार का यह निर्णय निजी शिक्षण संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रवृत्ति योजना के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Eligible Students Benefit: योजना के दुरुपयोग पर लगेगी सख्त रोक

समाज कल्याण उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि संशोधन का मुख्य उद्देश्य निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि केवल वास्तविक पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके। इससे मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन और अन्य गैर-पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से होने वाले दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
Eligible Students Benefit: अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रों के लिए नई व्यवस्था
संशोधित नियमों के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक अथवा तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रवेश पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ हो। इसके तहत संस्थान द्वारा सार्वजनिक विज्ञापन जारी करना, आवेदन आमंत्रित करना, रैंक सूची तैयार करना और चयन सूची प्रकाशित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही छात्रों से केवल सक्षम प्राधिकारी अथवा शुल्क नियामक समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क ही लिया जाएगा।

सामान्य वर्ग के छात्रों को भी समान अवसर
संशोधित नियमों के तहत सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा, बशर्ते उनका प्रवेश पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ हो और उनसे निर्धारित व अनुमोदित शुल्क ही वसूला गया हो।
मैनेजमेंट कोटा और स्पॉट एडमिशन पर सख्ती
उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन या किसी भी प्रकार की गैर-पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, यदि कोई संस्था निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलती पाई गई, तो ऐसे मामलों में भी योजना का लाभ निरस्त कर दिया जाएगा।
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योगी सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पात्र विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।





