संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena सबलगढ़, मध्य प्रदेश: सबलगढ़ में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की खबर सामने आई है। आरोप है कि थाने का घेराव करने से पहले ही पुलिस ने तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रात में उठाकर हवालात में बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।
मृतक अंकेश माहौर मामले के चलते तनाव
Morena बेनीपुरा गांव में 20 वर्षीय अंकेश माहौर का जलता हुआ शव मिलने के बाद परिवार ने हत्या का संदेह जताया। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता अभिषेक पचौरी, शिवम शर्मा और सतेंद्र टैगोर ने 10 जनवरी को थाने का घेराव करने और आंदोलन करने की योजना बनाई थी। पुलिस को सूचना मिली कि प्रदर्शन में मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की गई।
कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और आरोप
Morena पुलिस ने रात के समय शिवम शर्मा को उनके घर से उठाया, जबकि अभिषेक पचौरी और सतेंद्र टैगोर को सुबह थाने में बुलाया गया। तीनों को अलग-अलग स्थानों—रामपुर, कैलारस और मुरैना—में भेजा गया। मुरैना में अभिषेक पचौरी को क्राइम ब्रांच के हवाले किया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया।
पुलिस का जवाब और जांच की पुष्टि
Morena एसडीओपी उमेश मिश्रा ने बताया कि अंकेश माहौर के मामले की प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या माना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि किसी कार्यकर्ता को घर से उठाकर हवालात में नहीं बंद किया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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