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Dehli:देश की इच्छाशक्ति और इतिहास पर NSA अजित डोवल के सख्त संदेश

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बलिदानों से मिली आज़ादी, दर्दनाक रहा अतीत
Dehli : नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल ने देश के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर बेबाक विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज का स्वतंत्र भारत भारी बलिदानों की देन है। हमारे पूर्वजों ने अपमान, अत्याचार और असहायता का दौर देखा। गांव जलाए गए, लोगों को फांसी दी गई और हमारी सभ्यता व धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे उस समय हम रोक नहीं पाए।

युवाओं में बदलाव की आग जरूरी
Dehli अजित डोवल ने कहा कि इतिहास आज के युवाओं के सामने एक बड़ी चुनौती रखता है। हर युवा के भीतर बदलाव की आग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही प्रतिशोध शब्द आदर्श न लगे, लेकिन इतिहास से सबक लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। भारत को फिर उसी ऊंचाई तक ले जाना होगा, जहां वह अपने अधिकारों, विचारों और मूल्यों के आधार पर एक सशक्त और महान राष्ट्र के रूप में खड़ा हो सके।

युद्ध इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय ताकत का प्रतीक
Dehli NSA डोवल ने स्पष्ट किया कि युद्ध किसी क्रूरता या हिंसा की संतुष्टि के लिए नहीं लड़े जाते। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति ही आगे चलकर राष्ट्रीय शक्ति बनती है। युद्ध का उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि वह हमारी शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो जाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास से मिली सीख को कभी न भूलें, क्योंकि उसे भूलना देश के भविष्य के लिए सबसे बड़ी त्रासदी हो सकती है।

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