MP Government Action: वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई, गड़बड़ी पर जवाबदेही,सरकारी धन के इस्तेमाल पर बढ़ेगी डिजिटल निगरानी
MP Government Action: भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सरकार ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने वाले दागी अधिकारियों पर कड़ा शिकंजा कसा है। मोहन सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वित्तीय गड़बड़ियों और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मामलों में अधिकारियों पर गाज गिरी। इस कार्रवाई में लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल हैं। गंभीर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों में 7 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। और आगे भी ये कार्रवाई लगातार जारी रहने वाली है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि कार्रवाई केवल विभागीय चेतावनी तक सीमित नहीं है। बल्कि सरकार का जोर सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर है।
MP Government Action: मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नगरीय निकायों में खरीदी प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी के मामलों में करीब 392 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक 7 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली की कार्रवाई भी हुई है।दरअसल प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के जरिए की गई खरीदी में कीमतों के अंतर और नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठे। इन मामलों में सरकार ने कार्रवाई की है। इसके अलावा, 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। एसीएस, नगरीय प्रशासन विभाग संजय दुबे ने मीडिया को जानकारी देते हुए इस मुद्दे पर कड़ा रुख दिखाया।
MP Government Action: राज्य सरकार वित्तीय अनियमितताओं पर नजर रखने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है। सरकार का उद्देश्य सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना है।इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा देने के निर्देश भी दिए थे। सरकार का कहना है कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकार का यह एक्शन प्रशासनिक गलियारों में शुचिता और पारदर्शिता लाने के साथ-साथ भ्रष्ट तंत्र को एक कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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