रिपोर्ट- राजेश पंवार
Maheshwar : महेश्वर/मंडलेश्वर। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर इंदौर के 343 वोटर आईडी कार्ड मिलने का मामला सामने आया है। नर्मदा नदी की सफाई के दौरान इंदौर से आए निस्वार्थ सेवा ग्रुप के सदस्यों को ये पहचान पत्र मिले। प्रशासन की ओर से तैयार पंचनामा के अनुसार, बरामद कार्डों की संख्या 343 है। कार्डों पर दर्ज पतों के मुताबिक, ये इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र के आस्था पैलेस, आकाश नगर और श्रद्धापुरी से संबंधित मतदाताओं के बताए जा रहे हैं।
इंदौर से करीब 90 किलोमीटर दूर मंडलेश्वर घाट पर इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन कार्डों के नदी किनारे पहुंचने के कारणों और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

Maheshwar : 343 वोटर कार्ड लेकर थाने पहुंची कांग्रेस
वोटर आईडी कार्ड मिलने की सूचना के बाद खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंडलेश्वर थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में महेश्वर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सबल सिंह पटेल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष संतोष चौहान और नगर कांग्रेस उपाध्यक्ष यशवंत सिंह तंवर सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
कांग्रेस नेताओं ने बरामद कार्ड थाना प्रभारी पंकज तिवारी के सामने रखे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस द्वारा आवेदन लेकर जांच करने की बात कहे जाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और थाने के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया।
Maheshwar : कांग्रेस ने लगाया वोट चोरी का आरोप
खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने इस घटना को मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड का इस तरह मिलना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने मांग की कि कार्डों के यहां पहुंचने की परिस्थितियों की जांच की जाए और यदि किसी तरह की अनियमितता या आपराधिक साजिश सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी।
हालांकि, वोटर आईडी कार्ड मिलने की घटना से अपने आप वोट चोरी या चुनावी धांधली साबित नहीं होती। इन आरोपों की पुष्टि के लिए जांच और संबंधित तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
Maheshwar : प्रशासन ने जब्त किए सभी कार्ड, जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलने पर एसडीओपी श्वेता शुक्ला, महेश्वर तहसीलदार कैलाश सस्त्या, नायब तहसीलदार संजय बावेल और कसरावद थाना प्रभारी इंद्रेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी सुखदेव रावत और राजस्व टीम ने घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद सभी 343 वोटर आईडी कार्ड जब्त कर लिए गए।
मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी के मुताबिक, कांग्रेस प्रतिनिधियों से आवेदन प्राप्त कर लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि बरामद पहचान पत्रों पर इंदौर के पते दर्ज हैं। इस संबंध में संबंधित निर्वाचन कार्यालय और इंदौर प्रशासन से भी जानकारी जुटाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
Maheshwar : आखिर मंडलेश्वर घाट तक कैसे पहुंचे वोटर आईडी कार्ड?
इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। इंदौर के मतदाताओं के पहचान पत्र मंडलेश्वर के नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे? क्या ये कार्ड किसी वजह से यहां पहुंचे या इनके नदी किनारे मिलने के पीछे कोई दूसरी परिस्थिति है? क्या संबंधित मतदाताओं और निर्वाचन कार्यालय के रिकॉर्ड से इस मामले की कड़ियां जुड़ पाएंगी?
इन सवालों के जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही मिल सकेंगे। फिलहाल कांग्रेस ने आवेदन सौंपने के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।


