Report: Arvind Chouhan
लोन के लिए पहुंचे तो खुला जमीन घोटाले का राज
Gwalior ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित गिरगांव में बड़ा जमीन फर्जीवाड़ा सामने आया है। चार किसानों की करीब 11 बीघा कीमती कृषि भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है, रिश्तेदारों ने धोखाधड़ी से बेच दी। किसान जब अपनी जमीन पर लोन लेने पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि जमीन पहले ही बिक चुकी है। इसके बाद किसानों ने रजिस्ट्रार कार्यालय से जानकारी जुटाई और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।

आधार कार्ड पर फोटो बदलकर कराई गई रजिस्ट्री
Gwalior किसानों जितेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, भंवर सिंह और बहादुर सिंह का आरोप है कि रिश्तेदार आरोपियों ने उनके आधार कार्ड हासिल कर उन पर अपने और साथियों के फोटो चस्पा कर दिए। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का मुख्तारनामा बनवाया गया और रजिस्ट्री कराकर नामांतरण भी करा लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में जमीन बेचने और खरीदने वालों की आपसी सांठगांठ सामने आई है।

उप पंजीयक सहित कई लोगों पर मिलीभगत के आरोप
Gwalior शिकायत में बताया गया है कि जमीन खरीदने वाले आरोपियों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर रोहित शाक्य निवासी सिंधिया नगर, विनोद गुर्जर और उप पंजीयक मानवेंद्र सिंह भदौरिया से सांठगांठ कर फर्जी रजिस्ट्री कराई। मामले में जमीन फर्जीवाड़ा करने वाली एक निजी कंपनी के चार आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच के बाद आठ आरोपियों पर एफआईआर
Gwalior पुलिस ने किसानों की शिकायत पर जांच पूरी करने के बाद आठ आरोपियों देवेंद्र पाठक, शैलेंद्र सिंह गुर्जर, रामवीर सिंह गुर्जर, रवि आदिवासी, मनोज गुर्जर, हेमसिंह गुर्जर और हरेंद्र सिंह गुर्जर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





