BY
Yoganand Shrivastava
Bhopal news: पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की आगामी योजनाओं को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री लखन पटेल और प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने विभाग की कार्ययोजना साझा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दोनों शाकाहारी हैं और कड़कनाथ का सेवन नहीं करते, हालांकि इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग भविष्य में योजनाबद्ध तरीके से इस पर काम करेगा।
कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री लखन पटेल ने कहा कि सरकार गोवंश की सुरक्षा और देखभाल को लेकर लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सड़कों पर गायों के घूमने की समस्या को लेकर समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि केवल दूध निकालकर गायों को छोड़ देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। मंत्री के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष सड़कों पर गायों की संख्या में कमी आई है।
गोशालाओं के लिए तय हुए मानक, चिप से होगी निगरानी
मंत्री पटेल ने जानकारी दी कि सरकार ने गोशालाओं में गायों की सही संख्या जानने के लिए एक विशेष चिप विकसित कराई है। इस चिप के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस गोशाला में कितनी गायें मौजूद हैं। इसके साथ ही गोशालाओं के ढांचे और संचालन से जुड़े मानक भी तय कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार प्रति गाय 40 रुपये की सहायता राशि दे रही है। साथ ही कामधेनु योजना के तहत गायों के संरक्षण और देखभाल की नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और दोबारा निर्णय लिया जाएगा।





