BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior news: साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। इस गिरोह में एक एमपी ऑनलाइन शॉप संचालक सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने के लिए फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाते थे।
एमपी ऑनलाइन शॉप से चल रहा था पूरा खेल
जांच में सामने आया है कि नया बाजार स्थित महाकाल एमपी ऑनलाइन शॉप का संचालक इस नेटवर्क का मुख्य कड़ी था। आरोप है कि वह बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से जरूरतमंद लोगों के नाम पर खाते खुलवाता था। हर खाते के बदले उसे कमीशन मिलता था, जबकि खाते के नाम पर दस्तावेज देने वाले लोगों को हर महीने किराया दिया जाता था।
5 हजार रुपए महीने में किराए पर दिए जाते थे खाते
पुलिस के अनुसार, जिन व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खोले जाते थे, उन्हें करीब 5 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाते थे। खाते उनके नाम पर रहते थे, लेकिन एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल नंबर गिरोह के पास होता था। इन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम निकालने और ट्रांसफर करने में किया जाता था।
80 एटीएम कार्ड बरामद, कई खाते साइबर फ्रॉड में उपयोग
क्राइम ब्रांच ने एमपी ऑनलाइन शॉप की तलाशी के दौरान 80 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इनमें से अधिकांश खाते साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पहले से ही रिपोर्टेड थे। पुलिस ने सभी खातों की जानकारी साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से सत्यापित की है।
तीन महीने से सक्रिय था रैकेट
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क पिछले करीब तीन महीनों से सक्रिय था। पुलिस ने दुकान से कंप्यूटर, लैपटॉप, रजिस्टर और डाटा एंट्री से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एमपी ऑनलाइन शॉप संचालक के अलावा वे लोग भी शामिल हैं, जो ग्राहकों को लाकर खाते खुलवाते थे। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुलिस का बयान
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े इस म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। फिलहाल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच के दौरान अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।





