रिपोर्ट: बॉबी अली भगवां
Badamalhara news: बकस्वाहा गरीबों के हिस्से का अनाज जब गोदाम से निकलकर दुकान तक तो पहुँचता है, लेकिन थाली तक नहीं पहुँच पाता तो सवाल सिर्फ व्यवस्था का नहीं, नीयत का भी खड़ा होता है। कुछ ऐसा ही गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है बीरमपुरा राशन दुकान से, जहाँ सेल्समैन की कथित मनमानी ने ग्रामीणों, खासकर आदिवासी परिवारों को आक्रोश की आग में झोंक दिया है ग्रामीणों का आरोप है कि वे नवंबर माह का राशन पाने के लिए बार-बार दुकान के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। दिसंबर की स्थिति भी संदेह के घेरे में है। सवाल यह है कि जब सरकार समय पर राशन भेज रही है, तो फिर गरीबों को उनका हक क्यों नहीं मिल रहा इस अन्याय के खिलाफ गांव के लोग एकजुट होकर बकस्वाहा तहसील कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने राशन दुकान के सेल्समैन मोहित बासुदेव पर गंभीर अनियमितताओं और मनमर्जी के आरोप लगाते हुए तहसीलदार भरत पांडे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र सिंह, चंदू सौर, प्यारेलाल आदिवासी, लाड़ली बाई आदिवासी, विद्या आदिवासी, बुद्ध सिंह, हलके, लोकपाल सिंह, काशीराम सौर, रावसिंह सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एक सुर में मांग की कि सेल्समैन और उसके कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी गरीब को अपने हिस्से के अनाज के लिए भटकना न पड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार भरत पांडे ने ग्रामीणों की मौजूदगी में ही खाद अधिकारी सुगंध जैन से फोन पर चर्चा की। खाद अधिकारी को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए ज्ञापन की प्रति भेजी गई और बीरमपुरा राशन दुकान के तत्काल निरीक्षण के निर्देश दिए गए।





