Report: Manish singh
सुकमा और आंध्र प्रदेश की सीमा क्षेत्र से माओवादी संगठन को बड़ा धक्का लगा है। संगठन के दो शीर्ष कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया है।दोनों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार के समक्ष समर्पण किया। इस दौरान सुकमा जिले के एडिशनल एसपी रोहित शाह भी मौजूद रहे।चार दशक से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय जयलाल ने लंबे समय बाद मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। संगठन की रणनीति बनाने और कई बड़े हमलों को अंजाम देने में जयलाल की अहम भूमिका रही है।
वहीं, बीस साल से संगठन के लिए सक्रिय रहे भीमे ने भी हिंसा और माओवादी विचारधारा से दूरी बना ली है। दरभा डिवीजन से जुड़े इस दंपत्ति के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां बड़ा झटका मान रही हैं, क्योंकि दोनों पर कई नक्सली घटनाओं, घात लगाकर हमले, ईओएफ और IED विस्फोटों में शामिल होने के आरोप रहे हैं।पुलिस के लगातार दबाव, विकास कार्यों की बढ़ती पहुंच और विचारधारा में विश्वास कम होना — ये तीनों वजहें इनके आत्मसमर्पण का प्रमुख कारण बताई जा रही हैं।





