लखनऊ। डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमाओं के साथ लगातार होने वाली छेड़छाड़ को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य की सभी आंबेडकर प्रतिमाओं के चारों ओर सुरक्षात्मक बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी। जिन स्थानों पर प्रतिमा के ऊपर छत नहीं है, वहां छत भी निर्मित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
सीएम योगी शनिवार सुबह हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे और बाबा साहब को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध वंदना और त्रिशरण पंचशील पाठ से हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वंचित समाज को जो सम्मान और अवसर मिल रहे हैं, वह बाबा साहब द्वारा दिखाए गए मार्ग और संविधान में निहित मूल्यों का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भी पंचतीर्थ, नई छात्रवृत्ति योजनाओं और समानता आधारित नीतियों के माध्यम से बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ा रही है।
उत्तर प्रदेश के अंदर जहां-जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की मूर्तियां लगी हुई हैं…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 6, 2025
हमारी सरकार उन मूर्तियों की सुरक्षा की व्यवस्था करेगी… pic.twitter.com/BpaaXe1AFw
इस मौके पर डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकार, कर्तव्य और संघीय ढांचा जैसे विषयों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीएम को उन्होंने हाल ही में संविधान की प्रति भेंट कर इस संबंध में प्रस्ताव रखा था।
इसी बीच, मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इनके न्यूनतम मानदेय को सुनिश्चित करने का निर्णय ले लिया है। जल्द ही नए कॉरपोरेशन के माध्यम से यह व्यवस्था पूरी की जाएगी।
मायावती ने रैली रद्द की
आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर नोएडा में प्रस्तावित अपनी रैली को बसपा सुप्रीमो मायावती ने रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के चलते आम लोगों को असुविधा होती है, इसलिए वह अपने आवास पर ही बाबा साहब को श्रद्धांजलि देंगी।
सपा ने कार्यक्रम रद्द होने पर जताई नाराजगी
इधर, लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले सपा के परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने पर समाजवादी पार्टी ने इसे ‘अलोकतांत्रिक’ बताते हुए कड़ा विरोध जताया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलितों और आंबेडकर के प्रति संवेदनशील नहीं है और कार्यक्रम रोके जाने का निर्णय राजनीतिक दबाव में लिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा नेताओं ने कहा कि वे हर जिले में जाकर परिनिर्वाण दिवस मनाएंगे और बाबा साहब के विचारों को जनता तक पहुंचाते रहेंगे।





