अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना ने निर्माण कार्य के पूर्ण होने का संकेत दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ध्वजारोहण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतिनिधित्व करता है। उनके अनुसार यह ध्वज विकसित भारत की संकल्पना को भी दर्शाता है क्योंकि “संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता।”
ध्वज पताक तोरन पुर छावा। कहि न जाइ जेहि भाँति बनावा॥
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 25, 2025
सुमनबृष्टि अकास तें होई। ब्रह्मानंद मगन सब लोई॥
सियावर रामचन्द्र की जय। pic.twitter.com/XwPZOhTZsp
राम भक्तों के त्याग को समर्पित
ध्वजारोहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दिन उन लाखों राम भक्तों को समर्पित है जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना जीवन, समय और श्रम अर्पित किया।
सीएम योगी ने भावुक स्वरों में कहा कि “आज की घड़ी उन योद्धाओं का स्मरण कराती है जिन्होंने इस संघर्ष में अपना सर्वस्व लगा दिया।’
‘अनगिनत पीढ़ियों की प्रतीक्षा पूरी हुई’
कार्यक्रम का दिव्य वातावरण विवाह पंचमी के शुभ अवसर से और भी पावन बन गया। मुख्यमंत्री के शब्दों में
ध्वजारोहण इस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालातीत हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला, तब भारतवासियों के मन में नए विश्वास का उदय हुआ। वर्षों की तपस्या और पीढ़ियों की प्रतीक्षा अब राम मंदिर के रूप में साकार हुई है।
500 वर्षों का संघर्ष, लेकिन आस्था अडिग रही
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते पाँच शताब्दियों में सत्ता बदली, राजवंश बदले, समाज बदला, लेकिन अयोध्या की आस्था नहीं बदली। भक्तों का विश्वास कभी डगमगाया नहीं। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नेतृत्व संभाला, तब समाज एक स्वर में जुटा, “राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यही दृढ़ भावना अंततः विजय का कारण बनी।
अयोध्या—आस्था और आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। यहां विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं, और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई अयोध्या उभर रही है। उनके अनुसार, आज का दिन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मगौरव और राष्ट्रगौरव का उत्सव है। रामनगरी का यह अध्याय भारत को नए अध्याय की ओर अग्रसर कर रहा है।





