दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरूवार को आम आदमी पार्टी के विधायक और अरविंद केजरीवाल के करीबी अमानतुल्लाह खान को ज़मानत बांड और मुचलके पर रिहा कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ा झटका देते हुए, कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है। अमानतुल्लाह ने रिहाई के लिए 1 लाख रूपए का ज़मानती बांड भरा है। अमानतुल्लाह को ज़मानत देने के साथ कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड मामले में उनकी हिरासत को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने खान के खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से इंकार करते हुए कहा कि, खान के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत है, लेकिन आरोप पत्र में अपेक्षित मंज़ूरी नहीं है।
बता दे कि, विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने बुधवार को ईडी की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। दावा किया जा रहा था कि, मामले में खान के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
क्या है मामला
दरअसल पूरा मामला 2016 और 2021 के बीच का है, जब अमानतुल्लाह दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष थे। मामला उनके कार्यकाल के दौरान की गई कथित अनियमितताओं का है। ईडी के अनुसार, खान ने कार्यकाल के दौरान अवैध रूप से लोगों की नियुक्ति की, जिससे सरकार को धनहानि हुई। मामले में खान पर आरोप है कि, खान के एजेंट्स ने वक्फ संपत्तियों में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि, अमानतुल्लाह के पास मिले दस्तावेज़ जैसे उनकी डायरी, आदि को सबूत को तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
आप के सभी नेता जेल से बाहर
अमानतुल्लाह के जेल से बाहर आने के साथ ही आम आदमी पार्टी के सभी नेता जेल से बाहर आ गए है। अमानतुल्लाह के अलावा अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती, संदीप कुमार, नरेश यादव, प्रकाश जारवाल, अखिलेशपति त्रिपाठी, मनोज कुमार, शरद चौहान, जितेंद्र सिंह तोमर, दिनेश मोहनिया, भी जेल जा चुके हैं।





