By: Vandana Rawat
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी स्नान पर्वों और मेलों के दौरान प्रदेश में स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है।
संवेदनशील स्थलों पर ‘रील’ बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती पर रोक

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक और संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती न की जाए। उन्होंने कहा कि जनसेवा में अनुशासन और मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
स्नान पर्वों और मेलों की तैयारियों की समीक्षा
सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि घाटों और मेलों में भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे।
स्नान घाटों पर प्रकाश और सीसीटीवी की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, सीसीटीवी कैमरे, फ्लोटिंग बैरियर, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मोबाइल टॉयलेट, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। नदियों के ऊँचे जलस्तर को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सक्रिय तैनाती की जाए।
धान खरीद और किसानों के हित में सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे और किसानों को असुविधा न हो। किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी। वर्षा से प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण कर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए।
गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था और कर्मियों को समय पर भुगतान

सीएम योगी ने गो-आश्रय स्थलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी स्वयं इन स्थलों का निरीक्षण करें और चारा-पानी व चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी और रसोइया कर्मियों को समय पर मानदेय देने के निर्देश भी दिए।
‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ में 72 लाख से अधिक सुझाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर से 72 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा ताकि उत्तर प्रदेश 2047 तक ‘विकसित राज्य’ के रूप में स्थापित हो सके।





