BY: Yoganand Shrivastva
उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को शनि प्रदोष और धनतेरस के पावन संयोग पर महापूजा का आयोजन किया गया। मंदिर के पुरोहित परिवार ने भगवान महाकाल की विधिपूर्वक पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर महाकाल के साथ कुबेर देव और चांदी के सिक्कों का भी पूजन-अभिषेक किया गया, जिन्हें धन-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही।
पूजा समारोह में नंदी हॉल में गणपति पूजन, महालक्ष्मी पूजन, पंचामृत स्नान और रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप कुमार सहित कई अधिकारी भी उपस्थित रहे। पूजा के बाद गर्भगृह की देहरी पर दीपक अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया गया।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि 20 अक्टूबर को दिवाली और अन्नकूट पर्व मनाया जाएगा, जिसमें पुजारी परिवार की महिलाएं महाकाल को उबटन लगाएंगी और गर्भगृह में 56 भोग का अन्नकूट सजाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड पर हजारों दीपक प्रज्ज्वलित कर महाआरती की जाएगी। 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का आयोजन भी होगा।
इसी तरह, श्री सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित 84 महादेवों में से कुंडेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष कार्यक्रम हुआ। यहाँ कुबेर देव की प्राचीन प्रतिमा का आभूषणों से श्रृंगार कर पूजन किया गया। परंपरा अनुसार, धनतेरस पर कुबेर देव की नाभि में इत्र लगाने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने मिष्ठान और अनार का भोग अर्पित करते हुए नाभि में इत्र लगाया। मंदिर के शिखर पर स्थापित श्री यंत्र भी भक्तों का आकर्षण रहा।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार, इस दिन धन त्रयोदशी और शनि प्रदोष का संयोग होने के कारण गृह उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी के श्रेष्ठ मुहूर्त विशेष रूप से लाभदायक माने गए। प्रातः दो मुहूर्त, दोपहर 2 बजे तक चंचल, दोपहर 2 बजे से 3:30 तक लाभ, दोपहर 3:30 से सांय 5 बजे तक अमृत, शाम 5:55 से रात 7:25 तक लाभ और रात 8:55 से 10:25 बजे तक शुभ मुहूर्त में खरीदी करने का समय निर्धारित किया गया।





