रिपोर्टर: शैलेंद्र पारे, Edit By: Mohit Jain
दिवाली पर महालक्ष्मी मंदिर की अनोखी सजावट
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के मणचौक क्षेत्र में स्थित महालक्ष्मी मंदिर अपनी अनोखी और भव्य दिवाली सजावट के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है और दिवाली के मौके पर यहां भक्त उनकी पूजा-अर्चना करने विशेष रूप से आते हैं।

मंदिर में दिवाली के समय फूलों की बजाय करोड़ों रुपए, सोने-चांदी और करेंसी नोट्स से सजावट की जाती है। दीवारों, प्रांगण और झाड़-झालरों को नोटों की गद्दियों और धातु से सजाया जाता है। इस सजावट के कारण मंदिर हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
नोट और धातुओं से सजाई जाती है भव्य झांकी
शहर में दीपावली से पांच दिन पहले से ही मंदिर की सजावट शुरू हो जाती है। मंदिर की दीवारों, झालर और मां लक्ष्मी की मूर्ति को नोटों और सोने-चांदी से सजाया जाता है, जिससे यह पूरी तरह चमक उठता है। लोग केवल दर्शन करने नहीं बल्कि फोटो और वीडियो के लिए भी यहां आते हैं।
भक्तों के अनुसार, इस तरह के अनोखे सजावट से मंदिर की भव्यता और आस्था दोनों बढ़ जाती है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और मंदिर की विशेष पूजा में हिस्सा लेते हैं।
प्रसाद में बांटी जाती है कुबेर की पोटली

मंदिर में दिवाली के दौरान दर्शन करने आए भक्तों को कुबेर की पोटली के रूप में विशेष प्रसाद भी दिया जाता है। माना जाता है कि इसे लेने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
भक्तों का आस्था और उत्साह
दिवाली के समय मंदिर में हर ओर उत्साह और श्रद्धा का माहौल दिखाई देता है। भक्त नोट और सोने-चांदी से सजाए गए मंदिर को देखकर धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने की कामना करते हैं। मंदिर प्रशासन भी सजावट और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करता है।





