Report: Vishal Kumrawat
बड़वाह: कृषि उपज मंडी में गुरुवार को मक्के का उचित भाव न मिलने पर किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और महेश्वर मार्ग को करीब तीन घंटे तक बाधित रखा। किसानों का कहना था कि व्यापारी जानबूझकर भाव कम तय कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार शिवराम कनासे और टीआई बड़वाह बलराम सिंह राठौर ने किसानों को समझाईश देने की कोशिश की, लेकिन वे सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। प्रशासन ने किसानों और व्यापारियों के बीच समन्वय बनाने की पहल की, लेकिन यह भी तुरंत सफल नहीं हो सकी। इस बीच स्थानीय कांग्रेस नेता हिम्मत पटेल के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वीडियो कॉल पर मंडी सचिव से किसानों के हितों को लेकर बातचीत की। हालांकि शोर के कारण किसानों तक पूरी बात सुनाई नहीं दे सकी।
आखिरकार, लगभग 3.30 बजे व्यापारियों ने नीलामी प्रक्रिया में बोली बढ़ाई और खरीदी फिर से शुरू हो पाई। हालांकि भाई दूज तक व्यापारियों ने मंडी में खरीदी बंद रखने की घोषणा की। इस दिन मंडी में करीब 300 से अधिक बैलगाड़ी और वाहन मक्का लेकर आए थे, लेकिन व्यापारी 900 रुपए से बोली शुरू करने पर किसानों को संतोषजनक भाव नहीं मिला। व्यापारी मक्के में नमी और क्वालिटी के आधार पर भाव तय कर रहे थे, जिसके कारण किसान आक्रोशित हो गए और पहले मंडी में फिर सड़क पर उतर आए। इस दौरान किसानों ने मंडी प्रशासन, व्यापारियों और प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क बाधित होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बड़े वाहन रुक गए। बाइक और चारपहिया वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सड़क पर ही तहसीलदार और टीआई को बैठाकर अपनी बातें रखीं। उनका कहना था कि 15 दिनों में मक्के के भाव गिर गए और व्यापारी भाव कम करने की बात कहकर खरीदी में मनमानी कर रहे हैं। प्रशासन और व्यापारियों के बीच चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मक्के में नमी के आधार पर रेट 1000 से 1800 रुपए प्रति क्विंटल के बीच तय किए जा रहे हैं। बड़वाह और आसपास की मंडियों में सभी जगह रेट कम है और ट्रांसपोर्टर भी माल उठाने से बच रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार प्लांट में मक्का खरीदी में प्रति क्विंटल 100 रुपए की कमी देखी गई है, और इसी का असर मंडी में भाव और खरीदी पर पड़ रहा है।





