ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक संग्रहालय निर्माण को मिली 2195 करोड़ की मंजूरी, एकात्म धाम बनेगा वैश्विक एकता का प्रतीक

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रिपोर्टर, आकाश सेन, अपडेट योगानंद श्रीवास्तव

भोपाल/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ओंकारेश्वर स्थित ‘एकात्म धाम’ में “अद्वैत लोक संग्रहालय” के निर्माण के लिए 2195 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना आचार्य शंकर के जीवन, उनके अद्वैत वेदांत दर्शन और सांस्कृतिक योगदान को समर्पित है। इस भव्य परियोजना को संस्कृति विभाग और “आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास” के सहयोग से आकार दिया जा रहा है।

‘एकात्म धाम’: सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

ओंकारेश्वर, जहाँ आचार्य शंकर ने संन्यास और ज्ञान की यात्रा आरंभ की थी, को एकात्मता का वैश्विक केंद्र यानी “ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस” के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” (स्टैचू ऑफ वननेस) की स्थापना की जा चुकी है। अब दूसरे चरण में संग्रहालय का निर्माण प्रस्तावित है।

अद्वैत लोक संग्रहालय की विशेषताएं:

1. डायोरमा प्रदर्शनियां

यहाँ आचार्य शंकर के जीवन की प्रमुख घटनाओं को स्थिर व चलायमान मॉडल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

2. अद्वैत नौका विहार

नर्मदा नदी पर आधारित इस थीम बोट राइड में सनातन परंपरा के विभिन्न संतों और विचारों को प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग 150 लोग 15 मिनट तक इसका आनंद ले सकेंगे।

3. माया गैलरी (3D डोम प्रोजेक्शन)

ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विलय की अवधारणा को 3D डोम तकनीक से दर्शाया जाएगा। एक बार में 100 दर्शक 20 मिनट का यह अनुभव ले सकेंगे।

4. हाई स्क्रीन थिएटर

आचार्य शंकर के जीवन पर आधारित फिल्मों के प्रदर्शन के लिए 500 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक थिएटर बनाया जाएगा।

5. प्रदर्शनी वीथिकाएं

यहाँ आचार्य शंकर की शिक्षाओं, सुधारों और रचनाओं को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा।

6. शक्ति गैलरी

श्रीयंत्र और शाक्त परंपरा पर केंद्रित यह अनुभाग तांत्रिक रहस्यों और महत्व को समझाएगा।

7. सन्यास गैलरी

दशनामी संप्रदाय, संत परंपराओं, और सन्यास के विविध आयामों को दर्शाने वाली यह वीथिका पर्यटकों के लिए विशेष होगी।

8. ध्यान केंद्र

श्रवण, मनन और निदिध्यासन की पारंपरिक ध्यान विधियों के माध्यम से अनुभवजन्य साधना कराई जाएगी।

9. कला वीथिका

भारत की विभिन्न पारंपरिक कला शैलियों (जैसे मधुबनी, तंजावुर, वारली, फड़ आदि) को समर्पित एक विशाल गैलरी स्थापित होगी।

10. अन्नपूर्णा फूड कॉम्प्लेक्स

यहाँ 700 व्यक्तियों की इनडोर और 1000 की आउटडोर भोजन व्यवस्था होगी। स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजन परोसे जाएंगे।

11. कलाग्राम

यह केंद्र भारतीय हस्तकला और शिल्प का प्रदर्शन और विक्रय करेगा, जिससे स्थानीय कारीगरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

12. पंचायतन मंदिर

पाँच प्रमुख देवताओं—शिव, विष्णु, शक्ति, सूर्य, गणेश—की पूजा हेतु शास्त्रीय शैली में निर्मित भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।

13. लेज़र, जल व ध्वनि शो

उपनिषदों की कथाओं और वेदांत के सार को आधुनिक लेज़र एवं जलप्रकाश तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

14. अद्वैत वन एवं वृक्षारोपण

37000 से अधिक वृक्षों का रोपण कर एक आत्मिक वातावरण निर्मित किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक ‘निधिवन’, ‘तपोवन’ जैसी अवधारणाएँ जीवंत होंगी।

15. पर्यावरण अनुकूल निर्माण

यह परियोजना 4 स्टार GRIHA रेटिंग मानकों पर आधारित होगी, जिसमें ऊर्जा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और शून्य अपशिष्ट नीति को अपनाया जाएगा।

भविष्य की योजना: अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान

तीसरे चरण में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का अद्वैत वेदांत संस्थान स्थापित किया जाएगा, जहाँ शोध, अध्ययन और संवाद के माध्यम से आचार्य शंकर के दर्शन को वैश्विक मंच मिलेगा।

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