बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बर्बरता रूक नहीं रही है। आए दिन अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हिन्दुओं के साथ-साथ अब ईसाइयों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि क्रिसमस के मौके पर ईसाईयों के 17 घर जला दिए। जिसके बाद से क्रिश्यिन कम्युनिटी में रोष का माहौल व्याप्त है। घटना को लेकर प्रेस विंग ने त्रिपुरा समुदाय के घरों पर आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की है। वहीं अब क्रिश्यन समुदाय बदमाशों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहा है।
क्रिश्चियन त्रिपुरा कम्युनिटी के 17 घरों को जलाया
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से बर्बरता की एक और बड़ी घटना सामने आई है. बंदरबन में क्रिसमस के रोज क्रिश्चियन त्रिपुरा कम्युनिटी के 17 घरों को जला दिया गया. घरों में आग लगाने के बाद बदमाश भाग गए. आगजनी की ये घटना लामा उपजिला के सराय यूनियन के नोतुन तोंगझिरी त्रिपुरा पारा में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे घटी. दरअसल, बदमाशों ने उन घरों को तब आग के हवाले किया जब लोग क्रिसमस मनाने के लिए दूसरे गांव गए थे, क्योंकि उनके इलाके में कोई चर्च नहीं था. मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग ने त्रिपुरा समुदाय के घरों पर आगजनी की घटना की कड़ी निंदा की.
पीड़ितों ने क्या कहा
नोतुन तोंगझिरी पारा के मुखिया पैसाप्रू त्रिपुरा ने कहा कि हम तीन.चार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं. खुद को ‘एसपी के आदमी बताने वाले लोगों के एक समूह ने चार.पांच साल पहले हमें बेदखल कर दिया था. वहींए पीड़ित गुंगामणि त्रिपुरा ने कहा कि हमारे घर पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं. हम कुछ भी नहीं बचा पाए. स्थानीय लोगों से कहा कि बेनजीर अहमद उस समय पुलिस महानिरीक्षक थे. उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर इस क्षेत्र को पट्टे पर दे दिया था. अवामी लीग शासन के पतन के बाद निवासी वापस आ गए और वहां नए बने घरों में रहने लगे





