फेक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लेह-लद्दाख में ED की पहली बार छापेमारी, जम्मू और सोनीपत से जुड़े तार

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

देश में फेक क्रिप्टोकरेंसी के मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय इस पर लगाम लगाने के लिए लेह-लद्दाख समेत 6 जगहों पर छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसी इस कारोबार में जुटे लोगों की तलाश में जुटी है।

फेक क्रिप्टोकरेंसी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) श्रीनगर जोन के लेह-लद्दाख क्षेत्र में पहली बार छापेमारी कर रहा है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत एआर मीर और अन्य लोगों द्वारा फेक क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार चलाया जा रहा है। इसके तार हरियाणा के सोनीपत से लेकर लेह और जम्मू तक जुड़े हुए हैं। 

6 जगहों पर ED की छापेमारी

ईडी लेह-लद्दाख से लेकर सोनीपत तक के 6 जगहों पर शुक्रवार को छापेमारी अभियान चला रही है। हजारों निवेशकों ने करेंसी यानी इमोइलेंट कॉइन में पैसा लगाया है। उन्हें न तो रिटर्न मिला और न ही करेंसी वापस की गई है। 

लेह क्षेत्र में दर्ज हुईं कई FIR

इस मामले में लेह क्षेत्र में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। जम्म-कश्मीर में भी कई शिकायतें मिली हैं। नकली फेक करेंसी के कारोबार के भंडाफोड़ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) कई प्रमोटर्स की तलाश में जुटी हुई। 

ED ने जम्मू से किया था 2 को गिरफ्तार

बता दें कि ईडी ने इससे पहले 26 जुलाई को जम्मू में पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की आतंकी गतिविधियों की फंडिंग को लेकर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जम्मू से दोनों संदिग्धों को नार्को-आतंकवाद से जुड़े एक मामले में पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरशद अहमद अली और फैयाज अहमद डार के रूप में हुई थी।

दोनों संदिग्ध 5 दिन की ED की हिरासत में

दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार करने के बाद जम्मू की विशेष अदालत (PMLA) के सामने दोनों को पेश किया गया। जहां से ईडी ने रशद अहमद अली और फैयाज अहमद डार को पांच दिनों के लिए हिरासत में लिया है।

Indus Waters Treaty Pakistan Threat : पाकिस्तान की गीदड़भभकी, भारत की मजबूत रणनीति

Indus Waters Treaty Pakistan Threat : पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक