BY: Yoganand Shrivastva
बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान ने फिल्म ‘अक्सर 2’ को लेकर सालों बाद एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि फिल्म के निर्माताओं और निर्देशक ने उन्हें झूठे आश्वासन देकर इंटीमेट और किसिंग सीन करवाए। एक इंटरव्यू के दौरान जरीन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गहरे मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा था।
“हेट स्टोरी 3” के बाद नहीं बनना चाहती थीं बोल्ड इमेज का हिस्सा
जरीन खान ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में सलमान खान की फिल्म ‘वीर’ से की थी, लेकिन उन्हें व्यापक पहचान 2015 में रिलीज़ हुई ‘हेट स्टोरी 3’ से मिली, जिसमें उनके बोल्ड किरदार ने काफी सुर्खियां बटोरीं। हालांकि इसके बाद वह खुद को एक खास छवि में कैद होते हुए देख रही थीं।
इसलिए जब उन्हें ‘अक्सर 2’ ऑफर हुई, तो उन्होंने निर्देशक अनंत महादेवन से साफ तौर पर पूछा था कि फिल्म में कोई बोल्ड या इंटीमेट सीन तो नहीं होंगे। निर्देशक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह एक थ्रिलर फिल्म है और पहले जैसी बोल्ड फिल्मों से अलग होगी। जरीन को लगा कि ये एक नई शुरुआत का मौका हो सकता है, इसलिए उन्होंने हामी भर दी।
“हर दूसरे सीन के बाद कहा जाता – अब किस करो”
जरीन के अनुसार, जैसे ही फिल्म की शूटिंग शुरू हुई, असली सच्चाई सामने आने लगी। उन्होंने बताया,
“हर दूसरे सीन में इंटीमेट या किसिंग सीन डाले जा रहे थे। मैं असहज महसूस कर रही थी। मैंने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक मुझे पहले से बताया न जाए, मैं ऐसे सीन नहीं करूंगी।”
जरीन ने कहा कि जहां ‘हेट स्टोरी 3’ में उन्होंने सहमति से बोल्ड सीन किए थे, वहीं ‘अक्सर 2’ में उन्हें सरप्राइज एलिमेंट्स के जरिए इन दृश्यों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।
निर्देशक और प्रोड्यूसर के बीच फंसी एक्ट्रेस
इस पूरी स्थिति में जरीन खुद को निर्देशक और प्रोड्यूसर्स के दबाव के बीच फंसा हुआ महसूस कर रही थीं। उन्होंने बताया कि
“डायरेक्टर सेट पर मुझे एक बात कहते थे और प्रोड्यूसर्स के सामने कुछ और। इस वजह से गलतफहमियां पैदा हुईं और मुझे ही दोषी ठहराया गया।”
बात इतनी बढ़ गई कि उन्हें फिल्म के प्रीमियर में तक नहीं बुलाया गया। जरीन कहती हैं कि उन्होंने स्थिति को समझने और विरोध करने की कोशिश की, लेकिन उसके बदले उन्हें इंडस्ट्री में नेगेटिव इमेज का सामना करना पड़ा।
“गलत के खिलाफ आवाज उठाई, कीमत चुकानी पड़ी”
जरीन का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से काम किया, लेकिन जब निर्देशक अपने वादे से मुकरने लगे तो उन्होंने आवाज उठाई।
“मैंने गलत के खिलाफ खड़ा होना चुना, चाहे सामने कोई बड़ा नाम क्यों न हो। इसकी कीमत मुझे चुकानी पड़ी।”
जरीन खान का यह बयान फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग कंडीशंस, भरोसे और कलाकारों के साथ व्यवहार पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। उनके अनुभव से ये स्पष्ट होता है कि आज भी कई बार कलाकारों को न केवल धोखे का सामना करना पड़ता है, बल्कि अपने सम्मान और सीमाओं की रक्षा के लिए उन्हें कई बार अकेले ही लड़ना पड़ता है।





