उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर आस्था और सम्मान का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
सीएम योगी ने कहा कि:
“कांवड़ यात्रा में युवा, बच्चे, बुजुर्ग—सभी श्रद्धा से जुड़े हैं। ऐसे भक्तों का स्वागत और सम्मान होना चाहिए।”
यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए न सिर्फ गर्व का विषय बना, बल्कि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का भी प्रमाण है।
वायरल वीडियो में दिखा भक्ति का दृश्य
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियां कांवड़ लेकर जा रहे भक्तों पर बरसाई जा रही हैं। यह आयोजन न केवल आस्था को बढ़ावा देता है, बल्कि कांवड़ियों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता भी दर्शाता है।
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath conducts aerial inspection of Chaudhary Charan Singh Kanwar Marg and Meerut-Muzaffarnagar road. #KanwarYatra2025 pic.twitter.com/mj2OQo0Yn3
— ANI (@ANI) July 20, 2025
यह पहली बार नहीं है। महाकुंभ और पिछले साल की कांवड़ यात्राओं में भी फूल बरसाए गए थे। इसी तरह, कोंच में हज यात्रियों पर हिंदू समाज द्वारा फूल बरसाकर सांप्रदायिक एकता का संदेश दिया गया था।
बागपत प्रशासन ने भी दिखाया सम्मान
बागपत जिले में भी प्रशासन द्वारा फूलों की वर्षा की गई। हेलीकॉप्टर से उड़ते हुए प्रशासनिक अमले ने कांवड़ियों पर गुलाब के फूल बरसाए। यह परंपरा अब पूरे प्रदेश में एक मिसाल बनती जा रही है।
महिला पुलिस अधिकारी ने की सेवा, दबाए कांवड़ियों के पैर
मुजफ्फरनगर में एक महिला पुलिस अधिकारी ऋषिका सिंह ने सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने टेंट में बैठकर कांवड़ियों के पैर दबाए, मरहम लगाई और दवाइयाँ दीं। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इसे साझा करते हुए लिखा:
“सेवा का भाव अच्छा है, अगर उसके पीछे का भाव अच्छा है।”
कांवड़ यात्रा की प्रमुख तिथियां
- शुरुआत: 11 जुलाई 2025
- समाप्ति: 23 जुलाई 2025 (सावन शिवरात्रि)
इस दौरान भक्त हरिद्वार, गौमुख, गंगोत्री जैसे पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर फूल बरसाना एक धार्मिक यात्रा को सम्मान देने का प्रतीक है। सरकार और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि आस्था के इस पर्व को सुरक्षित, सम्मानजनक और भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। यह नज़ारा ना सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि देशभर में श्रद्धा और सेवा की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।





