अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए अभियोजन निदेशालय की स्थापना को मंजूरी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Yogi cabinet meeting in Maha Kumbh

Yogi Cabinet ने महाकुम्भ में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में लिया महत्वपूर्ण निर्णय

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत प्रदेश में स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय होगा स्थापित

नव स्थापित अभियोजन निदेशालय में मर्ज हो जाएगा मौजूदा अभियोजन विभाग

महाकुम्भ नगर: अपराध मुक्त प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए योगी सरकार ने अभियोजन निदेशालय की स्थापना का निर्णय लिया है। महाकुम्भ नगर के अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के लागू होने के दृष्टिगत प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन के लिए प्रदेश में एक स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा, जिसमें एक अभियोजन निदेशक और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अभियोजन उपनिदेशक हो सकेंगे। मौजूदा अभियोजन निदेशालय का पूरा स्टाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 20 के अंतर्गत स्थापित अभियोजन निदेशालय के रूप में समामेलित हो जाएगा तथा भविष्य में नवस्थापित अभियोजन निदेशालय के लिए अलग से धनराशि आवंटित की जाएगी।

सर्च कमेटी करेगी निदेशक का चयन
निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश का चयन और नियुक्ति अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता तथा प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, पुलिस महानिदेशक तथा उत्तर प्रदेश सचिव, गृह विभाग की सदस्यता वाली एक सर्च कमेटी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। निदेशक अभियोजन के चयन की प्रक्रिया सर्च कमेटी द्वारा स्वयं निर्धारित की जाएगी। निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश का न्यूनतम कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। निदेशालय के मुख्यालय के लिए तथा उसके क्षेत्रीय कार्यालयों में तथा जिला कार्यालयों के लिए स्थाई एवं अस्थाई पदों को ज्य सरकार द्वारा सृजित किया जा सकेगा। नई व्यवस्था को सफल एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की प्रभावशाली भूमिका रहेगी और वह अभियोजन कार्यों तथा अभियोजन कार्यालय के अधिकारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं उसकी समीक्षा में पूर्ण रुचि लेंगे।

प्रत्येक जिले में जिला अभियोजन निदेशालय होगा स्थापित
प्रस्ताव के तहत प्रत्येक जिले में भी जिला अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा। अभियोजन निदेशालय का प्रमुख अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए कार्य करेगा। कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए तभी पात्र होगा, यदि वह अधिवक्ता या अभियोजन के रूप में कम से कम 15 वर्ष तक व्यवसाय में रहा हो, या सेशन न्यायधीश रहा हो। यह भी प्राविधान किया गया है कि किसी आपराधिक मामले में या भ्रष्टाचार के मामले में या फिर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में अक्षम पाया जाता है तो उसे राज्य सरकार उनके पद से तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पूर्व ही उसकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर सकती है।


62 आईटीआई होंगे अपग्रेड, 5 सीआईआईआईटी की स्थापना
टाटा टेक्नोलॉजी लि. (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 62 आईटीआई को अपग्रेड करने और 5 सीआईआईआईटी (सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इंक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग) की स्थापना किए जाने के लिए सरकार एवं टीटीएल के मध्य एमओयू की भी मंजूरी दी गई। एमओए के तहत परियोजना की कुल लागत 3634 करोड़ रुपए से ज्यादा है, जिसमें टीटीएल का योगदान 2851 करोड़, जबकि सरकार का योगदान 783 करोड़ से ज्यादा का रहेगा। एमओए की अवधि 11 वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी के लिए निर्धारित है। 10 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से परियोजना को रिन्यू करने पर विचार किया जाएगा। एमओए के तहत इंडस्ट्री 4.0 की मांग के अनुसार टीटीएल द्वारा 62 आईटीआई में 11 लांग टर्म एवं 23 शॉर्ट टर्म कोर्सेज चलाए जाएंगे। टीटीएल के प्रशिक्षकों द्वारा आईटीआई के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणरत प्रशिक्षणार्थियों को भी दक्ष किया जाएगा। सफल प्रशिक्षणार्थियों को टीटीएल की सहयोगी कंपनियों में अप्रेंटिसशिप व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लांग टर्म कोर्सेज में प्रति वर्ष लगभग 6000 तथा शॉर्ट टर्म कोर्सेज से प्रति वर्ष लगभग 6500 समेत कुल 12500 अभ्यर्थी प्रशिक्षित होंगे।


आगरा में नवीन आवासीय परियोजना को मंजूरी
योगी सरकार ने आगरा में नवीन आवासीय परियोजना के लिए भी मंजूरी दी है। वहीं, आगरा विकास प्राधिकरण की 100 मी. चौड़ी इनर रिंग रोड एवं लैण्ड पार्सल योजना को भी मंजूर किया है। इसके अलावा आगरा की 442.4412 हेक्टेयर भूमि के वर्ष 2010 के सर्किल रेट और वर्तमान सर्किल रेट के अंतर की धनराशि 204.34 करोड़ की अनुग्रह धनराशि के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अनुमोदित कर दिया है। दूसरी ओर उ०प्र० राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक विकास क्षेत्र से ग्राम रहनकलां एवं रायपुर की भूमि को अलग करने के लिए औद्योगिक विकास विभाग की अधिसूचना को तत्सीमा तक संशोधित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की गई है। इससे आगरा विकास प्राधिकरण को आवासीय योजना हेतु लैण्ड बैंक उपलब्ध होगा तथा उक्त क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

ये भी पढ़िए: पिछड़े वर्ग के छात्रों को वित्तीय सहायता दे रही योगी सरकार

Jewellery Embezzlement : रायपुर ज्वैलर्स में 2 करोड़ के सोने का गबन, 16 साल पुराना कर्मचारी फरार

Jewellery Embezzlement : रायपुर के सदर बाजार स्थित मनोहरमल एंड कंपनी ज्वैलर्स

Dial 112 Service: रायपुर में डायल-112 सेवा का विस्तार, पुलिस रिस्पॉन्स होगा और मजबूत

Dial 112 Service: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 54 नए वाहनों को दिखाई

Dial 112 Vehicles: कोरबा को मिली डायल-112 की 22 नई गाड़ियां, आपातकालीन सेवाएं होंगी और मजबूत

Dial 112 Vehicles: मंत्री लखनलाल देवांगन ने नई गाड़ियों को दिखाई हरी