आगरा में यमुना का जलस्तर हाल के दिनों में लगातार घट रहा है। 3 दिनों में पानी का स्तर 2.9 फीट कम हुआ है और अब यह खतरे के निशान से 2 फीट नीचे बह रहा है। इस गिरावट के कारण फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। यमुना के किनारे रहने वाले लोग और प्रशासन दोनों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, पानी की अधिकता और पिछले दिनों के जलस्तर के कारण संक्रमण फैलने का खतरा अभी भी बना हुआ है।
सोमवार की स्थिति
सोमवार को मथुरा के गोकुल बैराज से यमुना में लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद आगरा में यमुना का जलस्तर घटकर 493 फीट पर आ गया।
- रविवार का जलस्तर: 493.8 फीट
- सोमवार का जलस्तर: 493 फीट
- 24 घंटे में गिरावट: 0.8 फीट
इस गिरावट के साथ आगरा में यमुना भले ही लबालब बह रही है, लेकिन बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है।
इससे पहले का जलस्तर
रविवार को मथुरा से 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद आगरा में यमुना का जलस्तर 493.8 फीट पर पहुंचा।
- शुक्रवार का जलस्तर: खतरे के निशान से 495.9 फीट
- उस समय यमुना का पानी किनारों से बाहर निकलकर मैदानी इलाकों में घुसने लगा था।
इससे आगरा प्रशासन और स्थानीय लोगों में चिंता की स्थिति बनी हुई थी।
कौन से इलाके प्रभावित हो सकते थे
यमुना के उच्च जल स्तर के कारण तहसील सदर में कई गांव बाढ़ की संभावित प्रभावित सूची में थे। इनमें शामिल हैं:
- तहसील सदर: तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टाकीज, यमुना किनारा रोड वेदान्त मंदिर से फोर्ट तक।
- तहसील फतेहाबाद: भरापुर बमरौली, ईदौन, भडायना, भेवीकलों, गुडा मेवली खुर्द, हिमायूपुर आदि।
फिलहाल जलस्तर में गिरावट के साथ स्थिति नियंत्रण में है और बाढ़ का खतरा टल गया है। प्रशासन सतर्क है और यमुना किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर निरंतर निगरानी कर रहा है।