महाराष्ट्र: खरीदी केंद्र पर पंजीकृत किसानों से ही सोयाबीन खरीदें, निलंगा तालुका के किसान हूए आक्रामक, सोयाबीन खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग कjते हुए किसान मोबाइल टावर पर चढ़े। एक घंटे तक टावर पर चढ़ कर अपना विरोध प्रदर्शन किया।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा तय सोयाबीन खरीद केंद्र अवधि समाप्त होने के कारण पोर्टल बंद कर दिया गया है। इसके चलते हजारों पंजीकृत किसानों का सोयाबीन नहीं खरीदा जा सका है, इसलिए अब किसान आक्रामक हो गए हैं, और उनकी मांग है कि सरकार तुरंत सोयाबीन केंद्र फिर से शुरू करे और पंजीकृत किसानों से सोयाबीन खरीदा जाए। निलंगा में किसान टावर पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, लेकिन, प्रशासन ने अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया है।
महाराष्ट्र में सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की समय सीमा पहले 12 जनवरी 2025 तक निर्धारित की गई थी। हालांकि, किसानों की मांग और राज्य सरकारों के अनुरोध पर, केंद्र सरकार ने इस तिथि को बढ़ाकर 31 जनवरी 2025 कर दिया था। अब तक, सरकार 13 लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन MSP पर खरीद चुकी है। केंद्र सरकार ने खरीफ 2024-25 सीजन में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत सोयाबीन की खरीद में नमी की मात्रा 15% तक स्वीकार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, 12% से अधिक नमी वाले सोयाबीन की खरीद नहीं की जाती थी। इन निर्णयों से किसानों को अपनी उपज को MSP पर बेचने में सुविधा होगी, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा।





