BY: Yoganand Shrivastva
बीते कुछ सालों में देशभर से लगातार खबरें आ रही हैं कि कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले जहां दिल की बीमारियां 50 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा देखी जाती थीं, वहीं अब 25 से 40 साल के युवाओं में भी अचानक हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ी हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं।
हार्ट अटैक बढ़ने के प्रमुख कारण
- अनहेल्दी लाइफस्टाइल
- फास्ट फूड, जंक फूड और ऑयली खाने का ज्यादा सेवन
- नींद पूरी न होना और देर रात तक जागना
- मोबाइल और स्क्रीन टाइम का बढ़ना
- तनाव और मानसिक दबाव
- कॉर्पोरेट वर्क कल्चर में स्ट्रेस
- निजी जीवन और करियर की टेंशन
- लगातार चिंता और डिप्रेशन
- शराब और धूम्रपान
- शराब और सिगरेट का अत्यधिक सेवन
- नशे की वजह से हार्ट की ब्लड वेसल्स पर दबाव
- ज्यादा बैठने की आदत (Sedentary Lifestyle)
- जिम या एक्सरसाइज की कमी
- लंबे समय तक बैठकर काम करना
- वायरल इंफेक्शन और कोविड के बाद के प्रभाव
- कई डॉक्टर्स का मानना है कि कोविड-19 के बाद हार्ट पर असर पड़ा है
- ब्लड क्लॉट्स की समस्या बढ़ी है
एक्सपर्ट्स की राय
दिल्ली के एक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय शर्मा का कहना है,
“युवा पीढ़ी ज्यादा स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफस्टाइल का शिकार हो रही है। 30 की उम्र से पहले हार्ट चेकअप कराना अब बेहद जरूरी हो गया है।”
बचाव के उपाय
- रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज
- फ्रूट्स, ग्रीन वेजिटेबल और हेल्दी डाइट
- धूम्रपान और शराब से दूरी
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और योग
- साल में एक बार हार्ट चेकअप





