BY: VIJAY NANDAN
भारतीय सेना ने जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो मंच पर मौजूद दो महिला अधिकारियों ने सभी का ध्यान खींचा। इनमें से एक थीं भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और दूसरी थीं भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी। आइए जानते हैं कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह कौन हैं और क्यों वह इन दिनों चर्चा में हैं।
2500 घंटे की उड़ान और ऊंचे पहाड़ों की विशेषज्ञ
व्योमिका सिंह वायुसेना की एक अनुभवी हेलिकॉप्टर पायलट हैं। उनके नाम 2500 से अधिक घंटों की उड़ान का रिकॉर्ड है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत के कठिन पर्वतीय इलाकों में कई अहम मिशनों को अंजाम दिया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उड़ान भरने की विशेष कला में वह पारंगत हैं।
रेस्क्यू मिशन और पर्वतारोहण में भी दक्षता
उन्होंने कई आपातकालीन राहत अभियानों का नेतृत्व किया है। नवंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश में आई आपदा के समय उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2021 में वह 21,650 फीट ऊंची ‘माउंट मणिरंग’ चोटी पर चढ़ने वाले तीनों सेनाओं की महिलाओं के दल का हिस्सा थीं। उनके साहस और सेवा को देखते हुए उन्हें वायुसेना प्रमुख और एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ से सम्मान भी मिल चुका है।
#WATCH |Delhi | #OperationSindoor| Wing Commander Vyomika Singh says, "Operation Sindoor was launched by the Indian Armed Forces to deliver justice to the victims of the Pahalgam terror attack and their families. Nine terrorist camps were targeted and successfully destroyed…… pic.twitter.com/Gmw6WHrYVO
— ANI (@ANI) May 7, 2025
बचपन से था उड़ान का सपना
व्योमिका सिंह ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन के सपने के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, “मैं जब छठी कक्षा में थी, तब स्कूल में एक बार नामों के अर्थ पर चर्चा हो रही थी। मैंने बताया कि मेरे नाम का अर्थ ‘व्योम’ यानी आकाश होता है। तभी किसी ने मजाक में कहा – तो तू तो आसमान की रानी है। उसी दिन मेरी क्लास टीचर ने कहा था कि मैं एक दिन पायलट बनूंगी। वही बात मेरे मन में बस गई।”
उस समय (1991-92) वायुसेना में महिला पायलट नहीं होती थीं। व्योमिका बताती हैं कि वे ‘रोजगार समाचार’ पढ़ा करती थीं, जहां वायुसेना की भर्तियों की जानकारी मिलती थी। एक बार विज्ञापन में लिखा था – ‘केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार’, जिससे उन्हें निराशा हुई। लेकिन जब वह इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में थीं, तो उन्हें पता चला कि UPSC के जरिए वायुसेना में महिलाओं की भी भर्ती शुरू हो गई है। उन्होंने आवेदन किया, चयन हुआ और आखिरकार वह दिन भी आया जब उन्होंने पायलट की वर्दी पहनी और उड़ान भरी।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के अड्डों पर करारा प्रहार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर आधी रात 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। यह अभियान पहलगाम में मारे गए पर्यटकों के जवाब में था। उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 टारगेट को चिह्नित कर तबाह किया गया, जिनमें आतंकी लॉन्चपैड और ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे। दोनों अधिकारियों ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से पाकिस्तान की सरजमीं आतंकवाद की नर्सरी बनी हुई है, और इस ऑपरेशन में उसे करारा जवाब दिया गया।
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