Virasat Se Vikas Budget2026 : पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व के क्षेत्र में 2 हजार 55 करोड़ बजट प्रावधान प्रस्तावित
Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
मध्यप्रदेश बजट 2026-27 में वन, पर्यावरण, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विकास की नई धारा अब प्राकृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक धरोहरों से होकर गुजरेगी। संतुलित विकास की इस रूपरेखा में पर्यावरणीय संरक्षण के साथ रोजगार और आय सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है। इस बार वित्त मंत्री के बजट भाषण में विरासत से विकास का ज्यादा जिक्र नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुरूप बजट में प्रदेश के पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। खासतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है।
Virasat Se Vikas Budget2026 : “समृद्धिवन योजना” से हरियाली और आय दोनों में वृद्धि
वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए “समृद्धिवन – वनवृद्धि से जन समृद्धि” योजना प्रस्तावित की गई है। इस योजना का उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार करते हुए स्थानीय समुदायों को आजीविका से जोड़ना है।
साथ ही निजी भूमि पर पौधारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए “कृषि वानिकी योजना” लागू की जाएगी। इससे किसान अपनी भूमि पर व्यावसायिक पौधारोपण कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Virasat Se Vikas Budget2026 : जनजातीय देव लोक वनों का संरक्षण
आदिवासी क्षेत्रों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए “जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना” प्रस्तावित की गई है। यह योजना पारंपरिक देव स्थलों और पवित्र वनों के संरक्षण पर केंद्रित होगी। इससे जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होगा।
Virasat Se Vikas Budget2026 : वन एवं पर्यावरण के लिए 6,151 करोड़ का प्रावधान
वन क्षेत्र में कैम्पा निधि के माध्यम से 2,089 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। वहीं वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए कुल 6,151 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। यह राशि जैव विविधता संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने में उपयोग की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का निवेश प्रदेश को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक होगा।

Virasat Se Vikas Budget2026 : धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा
पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रस्तुत की हैं। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 900 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 17 सांस्कृतिक एवं धार्मिक लोक निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।
Virasat Se Vikas Budget2026 : यूनेस्को सूची में 15 विरासत स्थल
प्रदेश के 15 ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। इनमें ग्वालियर किला और भोजपुर मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना है।
Virasat Se Vikas Budget2026 : बुंदेलखंड और मालवा में पर्यटन विकास
बुंदेलखंड अंचल में पर्यटन विकास के लिए खजुराहो को “50 वैश्विक प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य योजना” के तहत विकसित किया जा रहा है। वहीं ओरछा को आइकॉनिक पर्यटन स्थल के रूप में संवारा जा रहा है।
मालवा क्षेत्र में महेश्वर स्थित देवी अहिल्या लोक को विशिष्ट सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां “संस्कृति कल्पवृक्ष यात्रा” के माध्यम से इतिहास और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ग्राम केरियाखेड़ी (महेश्वर) को क्राफ्ट हैंडलूम विलेज और कुक्षी को क्राफ्ट टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय शिल्पकारों को बाजार और पहचान दोनों मिलेंगे।
Virasat Se Vikas Budget2026 : आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश सरकार वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले वर्षों में ये योजनाएं न केवल हरित आवरण और विरासत संरक्षण को मजबूत करेंगी, बल्कि रोजगार, निवेश और पर्यटन आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी।





