Madhya Pradesh धार्मिक और शैक्षणिक नगरी उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को स्वर्ण जयंती सभागृह में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में मेधावी छात्रों को उपाधियां और मेडल प्रदान किए गए।

Madhya Pradesh ज्ञान की वैश्विक राजधानी है उज्जैन: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उज्जैन प्राचीन काल से ही ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का केंद्र रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं और 14 विद्याओं की शिक्षा इसी पावन धरा पर प्राप्त की थी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 51 लाख रुपये, 5 ड्रोन और विद्यार्थियों के लिए एक बस देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जो प्रदेश की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।

Madhya Pradesh संस्कारों के साथ राष्ट्र निर्माण की शपथ
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के उत्थान में योगदान देना है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने माता-पिता और गुरुओं के प्रति सदैव आभारी रहें। समारोह के दौरान 74 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि, 107 को गोल्ड मेडल और सुश्री श्वेता तलेसरा को डी-लिट् (D.Litt) की उपाधि से नवाजा गया।

Madhya Pradesh करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण
इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ रुपये की लागत से बने नवीन कृषि अध्ययनशाला भवन और नव श्रृंगारित भर्तृहरि छात्रावास का लोकार्पण किया। साथ ही, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संपादित चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने आगामी ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उज्जैन को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सरकार स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है।





