उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक स्कूल मुख्यधारा में होंगे शामिल

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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक स्कूल मुख्यधारा में होंगे शामिल

BY: MOHIT JAIN

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस कदम के बाद राज्य में सभी मदरसे और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान अब मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली के तहत काम करेंगे।

मदरसा बोर्ड की समाप्ति और नई व्यवस्था

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सीएम कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक के लागू होने के बाद:

  • सभी मदरसे उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करेंगे।
  • मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक स्कूल उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे।
  • राज्य का हर अल्पसंख्यक स्कूल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) और नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को अपनाएगा।

इस बदलाव से उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा जिसने अपने मदरसा बोर्ड को भंग कर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा के शिक्षा ढांचे में शामिल किया।

सीएम धामी ने इसे बताया ऐतिहासिक कदम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कदम राज्य में समान और आधुनिक शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा:

“हमारा लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा, चाहे किसी भी वर्ग या समुदाय का हो, समान शिक्षा और अवसरों के साथ आगे बढ़े।”

सीएम धामी ने एक पोस्ट में राज्यपाल गुरमीत सिंह का आभार भी जताया और कहा कि उनकी मंजूरी से इस विधेयक के कानून बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

नए कानून के तहत अल्पसंख्यक शिक्षा का ढांचा

  • अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए एक प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।
  • यह प्राधिकरण सभी अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों को मान्यता प्रदान करने का कार्य करेगा।
  • सभी अल्पसंख्यक स्कूल अब उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे और मुख्यधारा की शिक्षा नीति के तहत काम करेंगे।

इस ऐतिहासिक कदम से उत्तराखंड में शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 को मंजूरी |  Uttarakhand Me Madarsa Board Khatam, Alpsankhyak Sansthan Judenge  Mukhyedhara Sikhsha Se

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड की समाप्ति और अल्पसंख्यक स्कूलों का मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल होना राज्य की शिक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव है। अब सभी मदरसों और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करनी होगी और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होना आवश्यक होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे समान और आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस बदलाव से राज्य के सभी बच्चों को समान शिक्षा और अवसर मिलेंगे, चाहे वे किसी भी वर्ग या समुदाय के हों।

यह निर्णय उत्तराखंड को देश का पहला ऐसा राज्य बना देगा जिसने मदरसा बोर्ड को भंग कर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा में शामिल किया।

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