यूपी में संभल की जामा मस्जिद का विवाद अभी चल ही रहा है कि अब मुजफ्फरनगर की एक मस्जिद को लेकर विवाद हो गया है। यहां पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के भाई सज्जाद अली खान की जमीन मिली है। खबरों के मुताबिक मुजफ्फरनगर की मस्जिद ही नहीं बल्कि चार दुकानें भी इस विवाद में शामिल हैं, उसे गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया है। इस मामले में आधिकारिक दस्तावेज बताते हैं कि यह जमीन पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के भाई सज्जाद खान की है। इन जमीनों को वक्फ की संपत्ति बताया गया था।
सरकारी दस्तावेजों में क्या है?
इस विवाद के बीच स्थानीय प्रशासन और उसके बाद शत्रु संपत्ति संरक्षक कार्यालय की एक टीम ने जांच की। इसके बाद यह बताया गया कि मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित 0.082 हेक्टेयर जमीन सज्जाद अली के नाम पर थी। बता दें कि सज्जाद अली खान लियाकत अली खान के भाई और रुस्तम अली के बेटे थे।
मस्जिद और चार दुकानों के स्वामित्व की वैधता को लेकर बहस छिड़ गई है। इस मामले में एक गुट का दावा है कि यह भूमि वक्फ की है दूसरा पक्ष इसे अवैध अतिक्रमण का नतीजा बता रहा है। जानकारी के मुताबिक 1918 में इस जमीन पर पहली बार लियाकल अली खान के पिता रुस्तम अली खान ने कब्जा किया था, लियाकत अली का जन्म हरियाणा के करनाल में हुआ था। 1932 में लियाकत अली संयुक्त प्रांत यानी आज के उत्तर प्रदेश के विधान परिषद के अध्यक्ष चुने गए थे और 1940 में केंद्रीय विधानसभा में प्रमोट हुए थे। लियाकत अली के परिवार का क्षेत्र में काफी प्रभाव था और मुजफ्फर नगर में उनकी काफी संपत्ति भी थी, इनमें से ही एक संपत्ति को लेकर विवाद भी था लेकिन 1947 के बाद सबकुछ बदल गया क्योंकि लियाकत अली पाकिस्तान चले गए।
इसलिए बढ़ गया जमीन विवाद
जब रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित इस जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन नामक समूह के संयोजक संजय अरोड़ा ने 2023 में निर्माण की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए आरोप लगाया कि मस्जिद और दुकानें दुश्मन की संपत्ति पर अवैध रूप से बनाई गई हैं।





