रिपोर्ट- प्रवीण कुमार पटेल
UP News: उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले में एसआईटी और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में ड्रग माफिया और नशीले कफ सिरप तस्करी के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया । आरोपी सत्यम कुमार पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। आरोपी को कफ सिरप के मास्टरमाइंड भोला जायसवाल के निशानदेही पर झारखंड के रांची से पकड़ा गया है।
UP News: बिना किसी दुकान के करोड़ो का किया करोबार
संयुक्त टीम द्वारा जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये के नशीले कफ सिरप का कारोबार बिना किसी दुकान, बिना माल और बिना एक भी शीशी की वास्तविक आवाजाही के सिर्फ कागजों पर हो रहा था।
UP News: चार दिन की रिमांड पर आरोपी
मामले पर एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से गिरफ्तार कर सोनभद्र जेल भेजा था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर रांची ले जाया गया, जहां एसआईटी टीम द्वारा जांच की गई कि अवैध कफ सिरप आखिर कहां-कहां सप्लाई की जा रही थी।

UP News: कागजों में 6 करोड़ की फर्जी खरीद
आगे उन्होंने बताया कि आरोपी द्वारा सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में किराए का मकान लिया। बाद में माँ कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के आधार पर औषधि विभाग से ड्रग लाइसेंस हासिल किया। जबकि मौके पर कोई मेडिकल स्टोर या दुकान नहीं मिली। वहीं कागजों में रांची, झारखंड स्थित शैली ट्रेडर्स से लगभग छह करोड़ रुपए के फेन्साडिल कफ सिरप की खरीद दिखाई गई है। इसके बाद भदोही जनपद के नई बाजार क्षेत्र में स्थित आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल नाम की फर्जी फर्मों को कागजों में सप्लाई दिखाकर बैंक खातों के जरिए करीब 6 करोड़ रुपए की रकम रोटेट कराई गई। जांच में यह भी साफ हुआ कि न तो कफ सीरप की शीशियों का वास्तविक परिवहन हुआ और न ही मौके पर किसी तरह का भौतिक स्टॉक पाया गया। पूरा कारोबार सिर्फ फर्जी बिल, फर्जी फर्म और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए संचालित किया जा रहा था।
वहीं पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा उसके रिश्तेदारों और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर किया गया, जिसमें प्रति शीशी एक रुपए के लाभ के लालच में करोड़ों का कागजी कारोबार खड़ा कर दिया गया। आरोपी के अनुसार, ई-वे बिल भी एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट एजेंसी के माध्यम से कागजों में ही तैयार कर लिए जाते थे और उनकी प्रतियां औषधि विभाग को भेज दी जाती थीं।
यह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2025 को सोनभद्र में 1 लाख 19 हजार से अधिक कफ सीरप की शीशियां, 1 नवंबर 2025 को रांची में हजारों अवैध शीशियां, और 3–4 नवंबर की रात सोनभद्र-गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार ट्रकों से करोड़ों की कफ सीरप और नकदी बरामद की जा चुकी है।पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क 12 करोड़ रुपये से अधिक के ड्रग फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है और अब इससे जुड़े अन्य आरोपियों, फर्जी फर्म संचालकों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की तलाश जारी है।





