BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow : उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब ढाई लाख शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए होली से पहले योगी सरकार ने खुशियों की सौगात दी है। सरकार ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 25 लाख रुपये कर दिया है।

Lucknow विशेष सचिव ने जारी किया शासनादेश
राज्य के विशेष सचिव उमेश चंद्र द्वारा 16 मार्च को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है। वित्त विभाग की सहमति के बाद लिया गया यह निर्णय उन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों पर लागू होगा, जिन्होंने 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है। सरकार के इस कदम से शिक्षा जगत के विभिन्न संगठनों में हर्ष की लहर है।

Lucknow महंगाई भत्ता (DA) 50% होने का मिला लाभ
शासनादेश के अनुसार, यह वृद्धि केंद्र और राज्य सरकार के उस नियम के तहत की गई है, जिसमें महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाने पर ग्रेच्युटी की सीमा में स्वतः वृद्धि का प्रावधान है।

- पुरानी सीमा: 20 लाख रुपये
- नई सीमा: 25 लाख रुपये
- कुल इजाफा: 5 लाख रुपये
Lucknow मृत्यु ग्रेच्युटी में भी बड़ी राहत
यह नया नियम केवल सेवानिवृत्ति तक ही सीमित नहीं है। यदि किसी कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिजनों को मिलने वाली मृत्यु ग्रेच्युटी (Death Gratuity) की अधिकतम सीमा भी अब 25 लाख रुपये मान्य होगी। यह संशोधन वर्ष 2016 की वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है, जो कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।
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