Unnao: नकली बीजों पर ‘डिजिटल’ वार! अब ‘साथी’ ऐप से होगी बीजों की पहचान; जिला कृषि अधिकारी की विक्रेताओं को चेतावनी- “गड़बड़ी की तो जेल और जुर्माना तय”

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Report: Anmol kumar

Unnao भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ की 70 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। किसानों की इस मेहनत को नकली बीजों की सेंधमारी से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में बीज विक्रेताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें ‘साथी’ (SATHI) पोर्टल/ऐप के माध्यम से बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के गुर सिखाए गए।

Unnao ‘साथी’ ऐप बनेगा किसानों का सुरक्षा कवच

कार्यशाला में प्रशिक्षक विजय अवस्थी ने बीज विक्रेताओं को विस्तार से जानकारी दी कि कैसे ‘साथी’ ऐप के माध्यम से बीजों की ट्रेसिबिलिटी (Traceability) सुनिश्चित की जा सकती है।

  • पारदर्शिता: इस ऐप के जरिए किसान भाई अब आसानी से पता लगा सकेंगे कि जो बीज वे खरीद रहे हैं, वह प्रमाणित है या नहीं।
  • गुणवत्ता की गारंटी: सरकार की मंशा है कि किसानों को केवल उच्च श्रेणी के और लैब-टेस्टेड बीज ही प्राप्त हों, ताकि फसल का उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि हो।

Unnao लाइसेंस निरस्त और FIR की चेतावनी

ट्रेनिंग के दौरान विजय अवस्थी ने सख्त लहजे में विक्रेताओं को आगाह किया कि यदि किसी भी डीलर के पास नकली या घटिया बीज बिकते हुए पाए गए, तो प्रशासन कड़ा रुख अपनाएगा।

  • कार्रवाई: ऐसी स्थिति में न केवल विक्रेता का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा, बल्कि भारी जुर्माना लगाते हुए कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

Unnao शशांक चौधरी की कमान में नकली विक्रेताओं पर नकेल

जब से जिला कृषि अधिकारी शशांक चौधरी ने उन्नाव की जिम्मेदारी संभाली है, तब से जिले में खाद और बीज माफियाओं में हड़कंप है।

  • सख्त तेवर: जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में अब तक कई नकली बीज और फर्टिलाइजर विक्रेताओं पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है।
  • नियमित मॉनिटरिंग: विभाग द्वारा समय-समय पर विक्रेताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे नियमों से अपडेट रहें और किसानों को अच्छे बीज उपलब्ध कराएं।

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