Ram Mandir Daan Chori : अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की महत्वपूर्ण सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Ram Mandir Daan Chori : SIT की जांच में सामने आई अनियमितताएं
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को प्रारंभिक जांच में वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, एक करोड़ रुपये से कम की राशि में बड़ी हेराफेरी के प्रमाण सामने आए हैं। जांच के आधार पर मंदिर से जुड़े छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है, जिसे प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।इसके साथ ही मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक सीईओ नियुक्त करने की भी सिफारिश की गई है। ट्रस्ट ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है और जल्द ही किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
Ram Mandir Daan Chori : संजय सिंह ने SIT को सौंपे दस्तावेज
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने बुधवार को लखनऊ पहुंचकर एसआईटी को 11 महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के लिए खरीदी गई कुछ जमीनों की कीमत वास्तविक मूल्य से कई गुना अधिक दिखाई गई।संजय सिंह के अनुसार, करोड़ों रुपये की जमीन खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने जांच एजेंसी से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
Ram Mandir Daan Chori : पीएमओ तक पहुंचा मामला
राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन और दान राशि के उपयोग को लेकर की गई शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच चुकी है। शिकायत मिलने के बाद इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया।हालांकि, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एसआईटी जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की आय, खर्च, दान और बैंक खातों से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है। इससे विवाद और गहरा गया है।
Ram Mandir Daan Chori : वीएचपी ने भी जताई चिंता
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। संगठन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यदि दान राशि में गड़बड़ी हुई है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए थी जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।आलोक कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और जांच बिना किसी दबाव या पक्षपात के पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाए।
Ram Mandir Daan Chori : कागभुसुंडि प्रतिमा विवाद पर हुआ खुलासा
दान चोरी मामले के बीच राम मंदिर ट्रस्ट पर कागभुसुंडि जी की प्रतिमा गायब करने के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि जांच और मीडिया रिपोर्टों में यह स्पष्ट हुआ कि प्रतिमा सुरक्षित है और अयोध्या स्थित भरत कुटी मंदिर में रखी गई है।जानकारी के अनुसार, प्रतिमा की नियमित पूजा-अर्चना की जा रही है, जिससे प्रतिमा गायब होने के आरोपों पर विराम लग गया है।
Ram Mandir Daan Chori : जांच के अगले चरण पर नजर
एसआईटी की टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच टीम दोबारा अयोध्या पहुंच सकती है और कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

