रिपोर्टर: शैलेंद्र पारे
Ratlam Sukheda Jain Temple Theft मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से आस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद अनोखी और चौंकाने वाली चोरी का मामला सामने आया है। पिपलोदा थाना क्षेत्र के ग्राम सुखेड़ा स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में हुई चांदी की प्रतिमा और नकदी की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में सबसे हैरान कर देने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस पुजारी पर मंदिर की सुरक्षा और पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी थी, वही इस पूरी खूनी साजिश (फर्जीवाड़े) का मास्टरमाइंड निकला।

पुलिस और समाज को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मंदिर में 10 रुपये के नोट पर एक अजीबोगरीब संदेश भी छोड़ा था।
Ratlam Sukheda Jain Temple Theft 10 रुपये के नोट पर छोड़ा गुमराह करने वाला संदेश
Ratlam Sukheda Jain Temple Theft 10 चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने मंदिर परिसर में 10 रुपये का एक नोट छोड़ा था। इस नोट पर बकायदा पेन से लिखा गया था: “यह चोरी नहीं है, मंदिर का सारा सामान रतलाम पोस्ट ऑफिस पर मिल जाएगा।”
- साजिश का मकसद: पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यह नोट इसलिए छोड़ा था ताकि पुलिस और जैन समाज का ध्यान भटक जाए और वे पोस्ट ऑफिस के चक्कर काटते रहें, जबकि आरोपी माल ठिकाने लगा सकें।
Ratlam Sukheda Jain Temple Theft सिद्ध चक्र भगवान की चांदी की प्रतिमा और ₹94,000 नकद बरामद
सुखेड़ा के जैन मंदिर से अति प्राचीन ‘सिद्ध चक्र भगवान’ की कीमती चांदी की प्रतिमा और दानपेटी से भारी मात्रा में नकदी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मामला दर्ज होते ही पिपलोदा थाना पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू की।
- पुजारी समेत 3 गिरफ्तार: तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी कैमरों और कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद पुलिस का शक मंदिर के पुजारी पर गहराया। मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ करने पर पुजारी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने पुजारी सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से शत-प्रतिशत माल (चांदी की प्रतिमा और 94 हजार रुपये कैश) बरामद कर लिया है।
Ratlam Sukheda Jain Temple Theft . रक्षक ही भक्षक बनने पर क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म
जैन समाज और स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश और अचंभा है कि जिस पुजारी को वर्षों से भगवान की सेवा के लिए रखा गया था, उसने ही चंद रुपयों के लालच में इस पवित्र स्थान को निशाना बनाया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश कर दिया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी औचित्य और कड़ियों की जांच की जा रही है।
प्रशासनिक सतर्कता: रतलाम पुलिस की इस त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिसने महज एक पर्ची (नोट) के झांसे में आए बिना वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर असली गुनहगारों को बेनकाब कर दिया।





