BY
Yoganand Shrivastava
Ujjain news: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार और हाल में सामने आई हत्याओं के मामलों को लेकर देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। इसी कड़ी में उज्जैन में साधु-संतों ने बांग्लादेश के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खेलने न देने की चेतावनी दी है। संतों का कहना है कि क्रिकेट के माध्यम से ऐसे देश को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं है।
आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने के बाद उज्जैन में विरोध और तेज हो गया है। संतों ने साफ कहा है कि अगर किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को मैदान में उतारा गया तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और मैच के दौरान विरोध दर्ज कराएंगे।
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो पिच उखाड़कर मैच रुकवाया जाएगा। संतों का तर्क है कि करोड़ों रुपये देकर ऐसे देश के खिलाड़ियों को खरीदना गलत है, जहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं।
रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने प्रधानमंत्री से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, फिर भी बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मौका देना समझ से परे है।
वहीं महंत विशाल दास ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश के खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के बजाय विदेशी खिलाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय संत समिति ऐसे सभी लोगों के खिलाफ आंदोलन करेगी और मांग की कि बांग्लादेश के साथ किसी भी स्तर पर क्रिकेट मैच न खेला जाए।
उज्जैन में संतों के इस बयान के बाद आईपीएल और खेल से जुड़े संगठनों की चिंता बढ़ गई है, वहीं प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।





