Report: Vishal Dubey
Ujjain “विश्व का समय और समय का केंद्र” मानी जाने वाली उज्जैन की पवित्र धरा पर आज “महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने संयुक्त रूप से उज्जैन के नवनिर्मित साइंस सेंटर का उद्घाटन कर प्रदेश को करोड़ों की सौगात दी। यह पहल प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच एक सेतु का काम करेगी।
Ujjain प्राचीन परंपरा और अंतरिक्ष विज्ञान का समन्वय
यह सम्मेलन मुख्य रूप से भारत की उस समृद्ध काल गणना पद्धति पर केंद्रित है, जिसे सदियों पहले उज्जैन के खगोलशास्त्रियों ने स्थापित किया था।

- प्रमुख स्थान: सम्मेलन का मुख्य सत्र उज्जैन से 35 किमी दूर डोंगला (महिदपुर) में आयोजित होगा।
- भौगोलिक महत्व: डोंगला कर्क रेखा (Tropic of Cancer) पर स्थित है, जो प्राचीन काल से ही खगोल विज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ से की गई काल गणना आज भी वैज्ञानिक रूप से सटीक मानी जाती है।
Ujjain उज्जैन साइंस सेंटर: युवाओं के लिए भविष्य की कार्यशाला
नवनिर्मित साइंस सेंटर केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए तकनीकी कौशल का केंद्र बनेगा। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने एक्जीबिशन गैलरी का निरीक्षण कर इसकी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की।
विशेष कार्यशालाएं: यहाँ आने वाले समय में युवाओं को UAV (ड्रोन), RC (रिमोट कंट्रोल) और सैटेलाइट मेकिंग (उपग्रह निर्माण) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश की नई पीढ़ी अंतरिक्ष विज्ञान में अपना योगदान दे सकेगी।
Ujjain मध्य प्रदेश के बढ़ते कदम
Ujjain रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के विजन को साझा करते हुए नेताओं ने बताया कि उज्जैन का तारामंडल परिसर अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। करोड़ों की लागत से तैयार यह केंद्र न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि खगोल प्रेमियों के लिए एक रिसर्च हब के रूप में भी उभरेगा।
उज्जैन आगमन एवं स्थानीय कार्यक्रम
सुबह 10:00 बजे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन पहुँचकर विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शिरकत की।
साइंस सेंटर का उद्घाटन
दोपहर 12:30 बजे
CM और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साइंस सेंटर का शिलान्यास कर एक्जीबिशन गैलरी का अवलोकन किया।
सम्मेलन का शुभारंभ
दोपहर 02:00 बजे
तारामंडल परिसर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम” का विधिवत उद्घाटन।
डोंगला मुख्य सत्र
आगामी सत्र
महिदपुर के डोंगला (कर्क रेखा केंद्र) पर वैज्ञानिकों और विद्वानों का मुख्य विमर्श।
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