BY: Yoganand Shrivastva
वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार पर बड़ा कदम उठाते हुए कनाडा सहित 21 देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से आयात होने वाले सामान पर 1 अगस्त 2025 से 35% शुल्क लगाने का आदेश जारी किया है। इससे पहले मार्च 2025 में ही अमेरिका ने कनाडा पर 25% टैरिफ लगाया था।
कनाडा पर क्यों लगा टैरिफ?
ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को एक पत्र भेजते हुए कहा कि यह निर्णय फेंटानिल तस्करी और व्यापार में असंतुलन के चलते लिया गया है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि कनाडा इसका जवाबी कदम उठाता है, तो टैरिफ और बढ़ाया जाएगा।
“फेंटानिल सिर्फ एक मुद्दा है, कनाडा की कई व्यापारिक नीतियां अमेरिका के लिए नुकसानदेह हैं।” — ट्रंप का लेटर
ब्राजील पर 50% टैरिफ और बोल्सोनारो के समर्थन में बयान
ब्राजील से आने वाले उत्पादों पर ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसके पीछे उन्होंने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे को कारण बताया है। ट्रंप ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” और “अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी” करार दिया।
“बोल्सोनारो एक सम्मानित नेता हैं। उनके खिलाफ मुकदमा बंद किया जाना चाहिए।” — ट्रंप
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति पर 2023 में राजधानी ब्रासीलिया में हुए दंगों को लेकर सत्ता पलट की साजिश का आरोप है।
2 दिन में 21 देशों पर टैरिफ लागू करने का ऐलान
पिछले 48 घंटे में ट्रंप प्रशासन ने कुल 21 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इनमें दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, ब्रुनेई, अल्जीरिया, मोल्दोवा, इराक, लीबिया और श्रीलंका शामिल हैं।
- अल्जीरिया, इराक, लीबिया और श्रीलंका: 30% टैरिफ
- ब्रुनेई, मोल्दोवा: 25% टैरिफ
- फिलीपींस: 20% टैरिफ
- दक्षिण कोरिया और जापान: 25% टैरिफ
यह टैरिफ 1 अगस्त से लागू होंगे। ट्रंप ने कहा कि यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि अमेरिका और इन देशों के बीच व्यापार असंतुलन को सुधारा जा सके।
भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावना
ट्रंप ने भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते की भी चर्चा की। यह समझौता जुलाई के अंत या उनकी भारत यात्रा के दौरान हो सकता है। लक्ष्य है कि दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाएं।
- अमेरिका चाहता है: कृषि उत्पादों, मेडिकल उपकरणों और इंडस्ट्रियल सामान पर कम टैरिफ
- भारत चाहता है: टेक्सटाइल एक्सपोर्ट के लिए बेहतर अवसर
महंगाई और पिछली सरकारों पर निशाना
ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में अमेरिका ने अरबों डॉलर के टैरिफ से फायदा उठाया और महंगाई नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि यदि पिछली सरकार की तरह कोई “कमज़ोर नेतृत्व” होता, तो अमेरिका आज आर्थिक संकट में डूबा होता।
“हमने अभी शुरुआत भी नहीं की और 100 अरब डॉलर के टैरिफ जमा हो चुके हैं। ये देश सालों से अमेरिका का फायदा उठा रहे थे, अब ऐसा नहीं होगा।”
टैरिफ डिप्लोमेसी से नई विश्व नीति की शुरुआत?
डोनाल्ड ट्रंप का यह आक्रामक टैरिफ रवैया वैश्विक व्यापार को नई दिशा दे सकता है। जहां एक ओर यह अमेरिका की ‘प्रोटेक्शनिज्म पॉलिसी’ को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह व्यापारिक रिश्तों में तनाव को और गहरा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह टैरिफ नीति लंबे समय तक जारी रही, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, निवेश और कूटनीतिक संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है।





