🔥 ट्रंप ने फिर किया दावा — “हमने भारत और पाकिस्तान को युद्ध से रोका”
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टाल दिया था। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि अगर युद्ध जारी रहा, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा।
📢 क्या कहा ट्रंप ने?
व्हाइट हाउस में एलन मस्क के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा:
“हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका। मुझे लगता है अगर हमने ऐसा नहीं किया होता तो यह एक परमाणु आपदा में बदल सकता था।”
ट्रंप ने आगे कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में यह स्पष्ट कर दिया था कि अमेरिका उन देशों के साथ व्यापार नहीं करेगा जो एक-दूसरे पर मिसाइलें दाग रहे हैं।
💬 “हमने व्यापार की बात की और उन्होंने समझा”
ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं की सराहना करते हुए कहा:
“भारत और पाकिस्तान के नेता बेहतरीन हैं। उन्होंने मेरी बात समझी और सहमति जताई। फिर यह सब रुक गया।”
उन्होंने अमेरिका की ताकत पर भी ज़ोर दिया और कहा:
“हम दुनिया की सबसे ताकतवर सेना हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि लड़ाई न हो — हम सबको रोक रहे हैं।”
⚔️ ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नाम से बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।
- इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
- चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।
🤝 10 मई को हुआ समझौता, दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई
10 मई को भारत और पाकिस्तान के सेनाध्यक्षों (DGMOs) के बीच बातचीत हुई। इसके बाद दोनों पक्षों ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई।
युद्धविराम की मुख्य बातें:
- गोलीबारी और मिसाइल हमले बंद
- ड्रोन हमले पूरी तरह रोके गए
- PoK और LoC पर सेना पीछे हटी
🇮🇳 भारत का रुख: ट्रंप के दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार इस तरह के दावे कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम किया। लेकिन भारत सरकार ने इन दावों की कभी पुष्टि नहीं की है।
📌 निष्कर्ष:
डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों और अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि यह दावा कितना सच है, यह तो सरकारों के आधिकारिक बयानों से ही साफ होगा, लेकिन इतना तय है कि ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की स्थिति ने क्षेत्र में तनाव जरूर बढ़ाया था।





