7 अप्रैल, 2025 को टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स में यह स्टॉक सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसने 19% तक की गिरावट दर्ज की। कंपनी ने मार्च तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था, जिसके बाद से यह शेयर लगातार तीसरे दिन भी नीचे रहा। यह गिरावट जून 2024 के बाद से सबसे बड़ी है।
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क्या हुआ ट्रेंट के साथ?
- मार्च तिमाही में कंपनी का राजस्व पिछले साल की तुलना में 28% बढ़ा, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष में 39% की वृद्धि दर्ज की गई।
- गोल्डमैन सैक्स ने ट्रेंट का टार्गेट प्राइस घटाकर ₹6,760 कर दिया (पहले ₹7,500 था), क्योंकि सेल्स ग्रोथ उम्मीदों से कम रही।
- मॉर्गन स्टेनली ने भी कहा कि Q4 में टॉप-लाइन ग्रोथ एक्सपेक्टेशन्स से कम रही।
तकनीकी संकेतक क्या कहते हैं?
- शेयर 30-दिन के मूविंग एवरेज (₹5,153.5) से नीचे आ गया है।
- RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 59.2 पर है, जो न तो “ओवरसोल्ड” और न ही “ओवरबॉट” जोन दिखाता है।
- शेयर अपने ऑल-टाइम हाई (₹8,345, अक्टूबर 2024) से 46% नीचे आ चुका है।
- आज की गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप ₹30,000 करोड़ से ज्यादा घट गया।
टाटा ग्रुप के अन्य शेयर्स पर भी मार
Nifty 50 में शामिल 6 टाटा ग्रुप कंपनियों (TCS, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाइटन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और ट्रेंट) ने आज मिलाकर ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप खोया।
एनालिस्ट्स की राय
ट्रेंट पर नजर रखने वाले 24 एनालिस्ट्स में से:
- 17 ने ‘BUY’ की सलाह दी है।
- 3 ने ‘HOLD’ कहा है।
- 4 ने ‘SELL’ की राय दी है।
कल (7 अप्रैल) के क्लोजिंग प्राइस:
- ट्रेंट शेयर 17.85% गिरकर ₹4,570 पर बंद हुआ।
- 2025 की शुरुआत से अब तक यह शेयर 35% नीचे आ चुका है।





