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सितंबर में वायुसेना को मिलेंगे 2 तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट

सितंबर में वायुसेना को मिलेंगे 2 तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट

भारतीय वायुसेना को सितंबर 2025 में दो अत्याधुनिक तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट मिलने वाले हैं। रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने इसकी पुष्टि की है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इन विमानों की डिलीवरी वायुसेना को सौंपेगा।

तेजस मार्क-1ए को भारत की स्वदेशी तकनीक और मेक-इन-इंडिया पहल का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।


सरकार करेगी 97 नए तेजस विमान की खरीद

  • केंद्र सरकार HAL से 97 नए तेजस मार्क-1ए खरीदने जा रही है।
  • इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 67 हजार करोड़ रुपए है।
  • फिलहाल वायुसेना के पास 38 तेजस फाइटर जेट मौजूद हैं।
  • इससे पहले फरवरी 2021 में 83 तेजस की खरीद के लिए 48 हजार करोड़ रुपए का करार हुआ था।

डिलीवरी में हुई देरी, अब 2028 तक पूरे होंगे ऑर्डर

HAL को पहले दिए गए 83 विमानों की डिलीवरी में देरी हुई है।

  • अमेरिकी इंजन की सप्लाई में रुकावट और तकनीकी खामियों की वजह से अब तक कोई विमान नहीं सौंपा गया।
  • HAL के चेयरमैन डीके सुनील ने बताया कि सभी तकनीकी समस्याएं दूर कर ली गई हैं।
  • उम्मीद है कि 2028 तक सभी विमान वायुसेना को मिल जाएंगे।

MiG-21 की जगह लेंगे तेजस विमान

भारतीय वायुसेना में 62 साल तक सेवा देने के बाद MiG-21 लड़ाकू विमान 19 सितंबर 2025 को रिटायर हो जाएगा।

  • तेजस मार्क-1ए इन विमानों की जगह लेगा।
  • इन्हें खासतौर पर पाकिस्तान सीमा के नजदीक राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है।
  • यह भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता को और मजबूत करेगा।

तेजस मार्क-1ए की खासियतें

  • यह तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन है।
  • इसमें अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं।
  • हथियारों के इंटीग्रेशन की क्षमता बढ़ाई गई है।
  • तेजस का 65% से ज्यादा उपकरण भारत में निर्मित है।
  • यह एक सिंगल इंजन हल्का लड़ाकू विमान (Light Combat Aircraft) है।

पीएम मोदी भी भर चुके हैं तेजस में उड़ान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली लड़ाकू विमान उड़ान थी।


तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी भारतीय वायुसेना के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।

  • यह न केवल MiG-21 विमानों की जगह लेगा बल्कि
  • भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और मेक-इन-इंडिया मिशन को भी नई ऊंचाई देगा।

सितंबर में जब दो तेजस भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे, तो यह देश की रक्षा क्षमता और तकनीकी ताकत को मजबूत करने वाला बड़ा कदम होगा।