BY: Yoganand Shrivastava
भारतीय रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इतिहास में पहली बार एक महिला अधिकारी को सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल की पहली महिला महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति देश की प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को दर्शाती है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
कार्मिक मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक पद पर नियुक्त करने को स्वीकृति दे दी है। वह मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और उनकी सेवा अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगी।
मनोज यादव की लेंगी जगह
सोनाली मिश्रा वर्तमान DG मनोज यादव का स्थान लेंगी, जो 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसके बाद सोनाली मिश्रा इस पद की कमान संभालेंगी और RPF के संचालन, रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाएंगी।
वर्तमान पद: ADG, मध्य प्रदेश पुलिस
इस नियुक्ति से पहले, सोनाली मिश्रा मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन) के पद पर तैनात थीं। उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें प्रशासनिक नेतृत्व, रणनीतिक योजना और खुफिया गतिविधियों में अनुभव प्राप्त हुआ है।
कौन हैं सोनाली मिश्रा?
सोनाली मिश्रा का नाम देश की उन चुनिंदा महिला अधिकारियों में शामिल हो गया है, जिन्होंने न केवल नेतृत्व के पदों को संभाला बल्कि चुनौतीपूर्ण सुरक्षा स्थितियों में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसियों में सेवाएं दी हैं।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) में ऐतिहासिक भूमिका
सोनाली मिश्रा को जुलाई 2021 में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली थी, जब उन्हें पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर BSF की पहली महिला कमांडर के रूप में नियुक्त किया गया था। यह ऐतिहासिक नियुक्ति महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनी। इसके बाद उन्होंने कश्मीर घाटी में भी महानिरीक्षक (IG) के रूप में कार्य करते हुए सुरक्षा प्रबंधन की कमान संभाली।
BSF की खुफिया शाखा का नेतृत्व
सुरक्षा एजेंसियों के खुफिया तंत्र में भी सोनाली मिश्रा की भूमिका बेहद प्रभावशाली रही है। उन्होंने BSF की इंटेलिजेंस विंग का नेतृत्व किया और आतंकवाद, सीमा पार घुसपैठ, तथा अन्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ तैयार कीं।
विशिष्ट सम्मान और पुरस्कार
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजा गया है:
- PPMDS (President’s Police Medal for Distinguished Service)
- PMMS (Police Medal for Meritorious Service)
इन सम्मानों से यह सिद्ध होता है कि वे न केवल प्रशासनिक क्षमता में माहिर हैं, बल्कि मैदान पर भी उनकी उपस्थिति प्रभावशाली रही है।
RPF: इतिहास और भूमिका
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की स्थापना 1957 में भारतीय संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य रेलवे संपत्ति की सुरक्षा था। बाद में वर्ष 1966 में RPF को अपराधियों की गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने के अधिकार भी दिए गए। वर्ष 1985 में इसे “संघ का एक सशस्त्र बल” घोषित किया गया।
RPF की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- रेलवे परिसरों की सुरक्षा
- यात्रियों की जान-माल की हिफाज़त
- रेल संपत्ति की निगरानी
- रेलवे अपराधों की रोकथाम
ऐतिहासिक नियुक्ति, भविष्य की उम्मीद
सोनाली मिश्रा की यह नियुक्ति एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है, खासतौर पर महिला अधिकारियों के लिए जो सुरक्षा बलों में शीर्ष पदों तक पहुंचने का सपना देखती हैं। रेलवे जैसे विशाल और संवेदनशील तंत्र में उनकी मौजूदगी से यह उम्मीद की जा रही है कि सुरक्षा और संचालन में नया दृष्टिकोण आएगा।
उनकी नियुक्ति से यह भी साबित होता है कि अब महिला अधिकारी केवल प्रशासनिक कुर्सियों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे देश की रणनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ बनकर उभर रही हैं।





