BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर: प्राइड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में 5 नवंबर से शुरू हुई तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘ऐडिकॉन 2025’ (ADDICON-2025) में विशेषज्ञों ने युवाओं और बच्चों में बढ़ती मोबाइल फोन की लत और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर चेतावनी दी।
उद्घाटन और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, पद्मश्री जनक पलटा, विशेष अतिथि गौरी सिंह (चांसलर) और डॉ. अतुल अंबेडकर (सचिव, इंडियन एसोसिएशन, एडिक्शन साइकाइट्रिक एवं प्रो. राष्ट्रीय नशा मुक्ति केंद्र) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नशा अब केवल पदार्थों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि मोबाइल फोन की लत समाज के लिए नया खतरा बन गई है।
मोबाइल लत और मानसिक स्वास्थ्य पर अध्ययन
पहले सत्र में डॉ. सविता मल्होत्रा (पूर्व अध्यक्ष, इंडियन साइकायट्रिक सोसायटी) ने बच्चों और युवाओं में व्यसन की समस्या पर अपने विचार साझा किए। डॉ. कौस्तुभ बागुल के शोध के अनुसार 500 प्रतिभागियों पर अध्ययन करने पर पाया गया कि 73% लोग मोबाइल फोन की लत के शिकार हैं। इसके अलावा, 80% प्रतिभागियों में नींद और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पाई गईं।
डॉ. बागुल ने कहा, “आपका स्मार्टफोन खामोश हत्यारे की तरह आपकी नींद और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। समय रहते परामर्श और जागरूकता आवश्यक है, अन्यथा यह मानसिक महामारी का रूप ले सकता है।”
मानसिक रोगियों में तंबाकू की लत पर शोध
दूसरे सत्र में डॉ. वर्चस्वी मुद्गल और उनकी टीम ने मानसिक रोगियों में तंबाकू (निकोटिन) की लत पर अध्ययन प्रस्तुत किया। 200 से अधिक मरीजों पर किए गए शोध में 49% रोगियों में तंबाकू की लत पाई गई। इसके बावजूद 68% मरीज इसे छोड़ने पर विचार कर रहे हैं और 42% ने इसे छोड़ने की इच्छा जताई। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि मानसिक रोगों के इलाज में तंबाकू मुक्त कार्यक्रम भी जोड़ना आवश्यक है, ताकि मरीजों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों सुधारा जा सके।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य और आयोजक
ADDICON-2025 के आयोजक अध्यक्ष डॉ. रामगुलाम राजदान ने कहा कि इस वर्ष की थीम है: ‘वर्तमान रणनीतियों, नीतियों और दृष्टिकोण के माध्यम से नशे की बढ़ती समस्या से निपटना’। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शोधकर्ता और नीति निर्माता भाग ले रहे हैं। इसे इंडियन साइकायट्रिक सोसाइटी (IPS) के तत्वावधान में आयोजित किया गया है।





