BY: Yoganand Shrivastva
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा में एक सप्ताह की बढ़ोतरी कर दी है। यह निर्णय उन 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा, जहां यह प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। समय-सीमा बढ़ने से मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए अब और अधिक समय मिल जाएगा।
क्या-क्या बदला? नई तारीखें जानिए
चुनाव आयोग के अनुसार—
- गणना प्रपत्रों का वितरण
- पहले: 4 दिसंबर
- अब: 11 दिसंबर
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने की तिथि
- पहले: 9 दिसंबर
- अब: 16 दिसंबर
- फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने की तिथि
- पहले: 7 फरवरी 2026
- अब: 14 फरवरी 2026
क्यों बढ़ाई गई समय-सीमा?
आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ आंतरिक समीक्षा की। इसके बाद यह महसूस हुआ कि SIR प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
कौन-कौन से राज्य SIR के दायरे में?
27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लागू किया था, वे हैं—
- अंडमान-निकोबार
- लक्षद्वीप
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- केरल
- मध्यप्रदेश
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने वाले हैं। वहीं असम में मतदाता सूची का संशोधन अलग से “विशेष संशोधन” के रूप में चल रहा है।
51 करोड़ मतदाता होंगे कवर
इस पूरे SIR अभियान में करीब 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं। कई राज्यों में पिछला SIR वर्ष 2002 से 2004 के बीच हुआ था। अब बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर
- मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन
- पुराने रिकॉर्ड से तुलना
- पते की जांच
कर रहे हैं।
SIR का मुख्य उद्देश्य
इस प्रक्रिया का प्रमुख लक्ष्य है—
- विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान
- उनके जन्मस्थान की पुष्टि
- उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना
यह कदम खासकर उन राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों की संख्या अधिक पाई जाती है।





