BY: Yoganand Shrivastva
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताए, अब धरती पर लौटने की तैयारी में हैं। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे नागरिक हैं। ‘Axiom Space’ के मुताबिक, शुक्ला और उनके साथियों की वापसी यात्रा लगभग 22.5 घंटे चलेगी और उनका स्पेसक्राफ्ट कैलिफोर्निया के तट पर लैंड करेगा।
कैसे होगी वापसी प्रक्रिया?
ड्रैगन यान की आईएसएस से अनडॉकिंग प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी। अलग होने के बाद यान कुछ जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं से गुज़रेगा, जिससे यह सुरक्षित दूरी बनाकर धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा।
वापसी के दौरान यान को लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान का सामना करना होगा। पैराशूट प्रणाली दो चरणों में कार्य करेगी—पहले स्टेबलाइजेशन पैराशूट खुलेगा और फिर मुख्य पैराशूट, जिससे यान को सटीक और सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिलेगी।
विदाई समारोह और भावुक संदेश
अभियान 73 के दल ने रविवार को विदाई समारोह आयोजित किया जिसमें शुक्ला, पैगी व्हिटसन (कमांडर), स्लावोज (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) को सम्मानित किया गया। शुक्ला ने कहा, “जल्द मिलते हैं धरती पर।” उन्होंने भारत की अंतरिक्ष यात्रा की विरासत को याद करते हुए राकेश शर्मा को श्रद्धांजलि दी।
“आज का भारत आत्मविश्वासी और निडर है”
शुक्ला ने भावुक होकर कहा, “41 साल पहले जब राकेश शर्मा अंतरिक्ष गए थे, उन्होंने कहा था भारत ‘सारे जहां से अच्छा’ है। आज भी भारत वही है—बस और भी आत्मनिर्भर, महत्वाकांक्षी और गर्व से भरा हुआ।“
धरती पर लौटने के बाद की प्रक्रिया
स्पेस से लौटने के बाद शुक्ला और उनके साथी करीब 7 दिन पुनर्वास (rehabilitation) में बिताएंगे। यह प्रक्रिया उन्हें धरती के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल बनाने में मदद करेगी, क्योंकि अंतरिक्ष में भारहीनता के कारण शरीर पर असर पड़ता है।
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत के लिए गर्व का क्षण है। वह पहले भारतीय हैं जिन्होंने ISS की यात्रा एक निजी अंतरिक्ष मिशन के तहत की और इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल किया।





