संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Sabalgarh (मुरैना): सबलगढ़ थाना क्षेत्र के कैमपुरा गांव में अराजकता और नशे के बढ़ते कारोबार से परेशान होकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में धड़ल्ले से चल रहे जुए के फड़ और अवैध जहरीली शराब की बिक्री से तंग आकर ग्रामीण महिलाएं अब प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट इन महिलाओं ने दो-टूक कहा है कि उन्हें खाकी पर अब भरोसा नहीं रहा, इसलिए वे सीधे कलेक्टर से न्याय मांगेंगी।
पुलिस पर उदासीनता का आरोप: “थानेदार ने कहा- कलेक्टर के पास जाओ”
Sabalgarh कैमपुरा गांव की महिलाओं का आरोप है कि वे बार-बार सबलगढ़ थाने के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। महिलाओं का कहना है कि जब वे जुए के फड़ और अवैध शराब की गुमटियों का वीडियो लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचीं, तो उन्हें राहत देने के बजाय टरका दिया गया। आरोप के मुताबिक, थाना प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें कलेक्टर से शिकायत करने की सलाह दी और अपना नंबर देकर अगली बार सूचना देने की बात कहकर वापस भेज दिया।

घरों में कलह और छेड़छाड़: शराब ने उजाड़े कई परिवार
Sabalgarh गांव की रहने वाली मुन्नीदेवी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि अवैध शराब और जुए ने गांव का माहौल पूरी तरह खराब कर दिया है। पुरुष शराब के नशे में धुत होकर घर की महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। इतना ही नहीं, नशे की हालत में अन्य महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करना अब आम बात हो गई है। गांव में दिन-दहाड़े ‘इक्यावनी’ जैसे जुए के खेल चल रहे हैं, जहाँ लाखों रुपये के दांव लगाए जाते हैं, जिससे कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुँच गए हैं।

पुलिस का बचाव: “डेढ़ महीने पुराना है वीडियो, यह साजिश है”
Sabalgarh वहीं, इस पूरे मामले में थाना प्रभारी राजकुमारी परमार का पक्ष अलग है। उनका कहना है कि यह वीडियो करीब डेढ़ महीने पुराना है और इसे साजिश के तहत अब वायरल किया जा रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार, महिलाएं शराब के अधिकृत ठेके को बंद करवाने की मांग लेकर आई थीं, जो पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने वर्तमान में गांव में जुए या अवैध शराब की किसी भी गतिविधि से इनकार किया है। हालांकि, महिलाओं की जिद और वायरल वीडियो ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।





