BY
Yoganand Shrivastava
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की के बीच प्रस्तावित मुलाकात से पहले रूस ने एक बड़ा सैन्य दावा किया है। रूसी सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र स्थित रणनीतिक शहर कुप्यांस्क पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय का बयान
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमी सैन्य समूह की 6वीं गार्ड्स संयुक्त सेना ने कुप्यांस्क में अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मंत्रालय का कहना है कि शहर में अब भी मौजूद यूक्रेनी सैनिकों के छोटे-छोटे समूहों को हटाने की कार्रवाई जारी है।
घुसपैठ के प्रयास विफल करने का दावा
रूसी सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में यूक्रेनी बलों ने तीन बार शहर में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास को नाकाम कर दिया गया। रूसी कमांडरों के अनुसार, इमारतों और बेसमेंट में छिपे यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
कुप्यांस्क की रणनीतिक अहमियत
कुप्यांस्क को रेल और सड़क नेटवर्क का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जिससे यह लॉजिस्टिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। इसी वजह से दोनों देशों के लिए यह इलाका लंबे समय से संघर्ष का केंद्र बना हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं कब्जे के दावे
रूस ने नवंबर 2025 में भी कुप्यांस्क पर नियंत्रण का दावा किया था। हालांकि, दिसंबर में यूक्रेनी जवाबी हमलों के बाद हालात बदल गए थे। स्वतंत्र सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, उस दौरान यूक्रेनी सेना ने शहर के बड़े हिस्से पर फिर से पकड़ बना ली थी।
यूक्रेन ने मानी लड़ाई, लेकिन दावे पर सवाल
यूक्रेनी सेना ने कुप्यांस्क में भीषण लड़ाई जारी रहने की पुष्टि की है, लेकिन रूस के पूर्ण नियंत्रण के दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। कुछ रिपोर्ट्स में रूसी बयान को प्रचार का हिस्सा बताया गया है।
जमीनी हालात पर संशय
विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से उलट हैं और स्वतंत्र रूप से स्थिति की पुष्टि करना मुश्किल है। कुप्यांस्क पर किसका नियंत्रण है, यह आने वाले दिनों में युद्ध की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
युद्ध और मानवीय संकट
खार्किव मोर्चे पर बढ़ता तनाव स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर मानवीय संकट पैदा कर रहा है। लगातार बदलती सैन्य स्थिति के कारण क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।





