एमपी के 90 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘समाधान योजना 2025-26’ की शुरुआत की

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Relief to 90 lakh electricity consumers of MP: Chief Minister Dr. Mohan Yadav launched the 'Samadhaan Yojana 2025-26'

by: vijay nandan

भोपाल: मध्य प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ऊर्जा विभाग की ‘समाधान योजना 2025-26’ का शुभारंभ किया। इस योजना का सीधा लाभ राज्य के करीब 90 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा। इसके तहत सरकार 3,000 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ करेगी। इस कार्यक्रम का आयोजन एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल में हुआ। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवीन कार्यालय ‘प्रकाश भवन’ का भी लोकार्पण किया।

योजना की मुख्य विशेषताएं

सीएम ने बताया कि “समाधान योजना 2025-26” के अंतर्गत बिजली बिल बकायादार उपभोक्ताओं को भुगतान के दो विकल्प दिए गए हैं..

एकमुश्त भुगतान पर अधिकतम छूट
6 आसान किश्तों में बकाया चुकाने की सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी वजह से समय पर बिल नहीं भर पाए थे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास राज्य सरकार के जनकल्याण और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, डॉ. यादव ने बताया कि योजना का लाभ घरेलू, कृषि और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि “ऊर्जा विभाग ने सभी उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाने का सराहनीय निर्णय लिया है। यह उन परिवारों के लिए राहत की सांस साबित होगी जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण भुगतान नहीं कर पाए। ऊर्जा मंत्री और विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नया भवन प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, पारदर्शिता और सुशासन का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और जनहित में नई नीतियों को प्राथमिकता दे रही है।

“सस्ती बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहा है प्रदेश”

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का वह राज्य है जो सबसे सस्ती बिजली प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की ऊर्जा नीति “सबके लिए रोशनी, सबके लिए प्रगति” के सिद्धांत पर आधारित है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में ऊर्जा खपत का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का है। सौर (Solar), पवन (Wind) और पारंपरिक ऊर्जा, तीनों क्षेत्रों में ठोस योजनाओं पर कार्य जारी है।

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