,

जूनियर कर्मचारी की गलती या रणनीति? रिलायंस के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ट्रेडमार्क पर पूरी कहानी

रिलायंस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' ट्रेडमार्क

7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम के ट्रेडमार्क के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत चार अलग-अलग आवेदन दाखिल किए गए थे। यह ट्रेडमार्क नाइस वर्गीकरण के क्लास 41 के तहत मांगा गया था, जिसमें फिल्में, शो, ऑनलाइन कंटेंट, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी सेवाएं शामिल हैं।

रिलायंस ने क्यों वापस लिया ट्रेडमार्क?

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ट्रेडमार्क का आवेदन गलती से एक जूनियर कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति के दाखिल कर दिया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उनका इस नाम को ट्रेडमार्क कराने का कोई इरादा नहीं था, क्योंकि यह भारतीय वीरता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन चुका है।

क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान में की गई सैन्य कार्रवाई को कहा जा रहा है। यह नाम देशभर में बहादुरी और देशभक्ति का प्रतीक बन गया है।

किसने दाखिल किए थे आवेदन?

रिलायंस की ओर से जियो स्टूडियोज ने सबसे पहले आवेदन किया था। इसके अलावा, मुंबई के एक निवासी, एक रिटायर्ड एयर फोर्स अधिकारी और दिल्ली के एक वकील ने भी इस नाम को ट्रेडमार्क कराने के लिए आवेदन किया था।

रिलायंस ने अपने बयान में कहा, “हमारी सेना की इस उपलब्धि पर हमें गर्व है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारी सरकार और सेना का पूरा समर्थन है। ‘इंडिया फर्स्ट’ के मूलमंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है।”

President CG Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं छत्तीसगढ़, CM विष्णु देव साय ने किया स्वागत

President CG Visit : रायपुर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री…